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बहिनों ने भाईयों के सिर च्यूड़े से पूज मनाया भैय्या दूज
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चंपावत में भैय्या दूज पर्व पर भाई का सिर पूजती बहिनें।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भैय्या दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस मौके बहनों ने भाइयों के च्यूड़े से सिर पूजकर उनकी लंबी उम्र की कामना की।
भैय्यादूज पर्व को लेकर चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, बर्दाखान, सिमलखेत, पुलहिंडोला, रौंसाल, दिगालीचौड़, मडलक, खेतीखान, रीठासाहिब, देवीधुरा आदि स्थानों में लोगों में खासा उत्साह देखा गया। रोडवेज बसों के साथ ही अन्य यात्री वाहनों में सुबह से ही बहनों के अपने माइके आने का क्रम शुरू हो गया था। दोपहर तक बाजारों में काफी रौनक रही। टनकपुर में भी भैयादूज का पर्व परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में भैयादूज पर्व की रौनक नजर आई। मां पूर्णागिरि धाम में भैयादूज पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के अनुसार सोमवार को करीब सात सौ श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए।
नहीं हुआ बगवाली मेले का आयोजन
चंपावत। भैय्या दूज के अवसर पर जिला मुख्यालय में लगने वाले बगवाली मेले का आयोजन इस बार नहीं हो सका। पूर्व में बगवाली मेेले का आयोजन खर्ककार्की में शिशु मंदिर के समीप बगवालीचौड़ में आयोजित किया जाता था। लेकिन बीते एक दशक से मेले का स्थान परिवर्तन होने के कारण गोरलचौड़ मैदान में मेले का आयोजन किया जा रहा था। इस दफा कोरोना संक्रमण के चलते गोरलचौड़ मैदान में बगवाली मेले का आयोजन नहीं किया गया। संवाद
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पांच सौ किमी दूर से बहन ने भाई का ऑनलाइन किया पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद जनपद में भाई दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने पूजा-अर्चना कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। जिले में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भाई दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, मुनस्यारी, डीडीहाट, धारचूला, अस्कोट, कनालीछीना, झूलाघाट में भाई दूज उत्साह के साथ मनाया गया। वड्डा के रियांसी गांव निवासी नैना ने अपने छोटे भाई अमन का ऑनलाइन पूजन किया।
अमन दिल्ली में नौकरी करते हैं। वह कोरोना के कारण घर नहीं आ सके। सोमवार को बहन ने पांच सौ किमी दूर पिथौरागढ़ से ही हाथों में च्यूड़े लेकर भाई के लंबी उम्र और निरोग रहने की कामना की। वहां दिल्ली में अमन की मां ने च्यूड़े तेल में भिगोकर अमन का सिर पूजा। भाई को पर्व पर कमी महसूस न हो तो बहन ने भाई का ऑनलाइन सिर पूजा। भाई ने भी परंपरा के अनुसार बहन को ऑनलाइन दक्षिणा भेजी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बैलों के सिर भी पूजे गए
पिथौरागढ़। परंपरा के अनुसार पिथौरागढ़ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने बैलों के सींग में तेल लगाकर उनका पूजन किया। च्यूड़ों से बैलों का सिर भी पूजा गया। दीपावली पर्व पर भाई दूज के दिन किसान हर साल धरती का सीना चीरकर फसलें उगाने में अहम भूमिका निभाने वाले बैलों को भी पूजते हैं।
16पीटीएच13 पी- दिल्ली में नैना के भाई अमन का सिर पूजती मां।
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भैय्यादूज पर्व को लेकर चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, बर्दाखान, सिमलखेत, पुलहिंडोला, रौंसाल, दिगालीचौड़, मडलक, खेतीखान, रीठासाहिब, देवीधुरा आदि स्थानों में लोगों में खासा उत्साह देखा गया। रोडवेज बसों के साथ ही अन्य यात्री वाहनों में सुबह से ही बहनों के अपने माइके आने का क्रम शुरू हो गया था। दोपहर तक बाजारों में काफी रौनक रही। टनकपुर में भी भैयादूज का पर्व परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में भैयादूज पर्व की रौनक नजर आई। मां पूर्णागिरि धाम में भैयादूज पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के अनुसार सोमवार को करीब सात सौ श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए।
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नहीं हुआ बगवाली मेले का आयोजन
चंपावत। भैय्या दूज के अवसर पर जिला मुख्यालय में लगने वाले बगवाली मेले का आयोजन इस बार नहीं हो सका। पूर्व में बगवाली मेेले का आयोजन खर्ककार्की में शिशु मंदिर के समीप बगवालीचौड़ में आयोजित किया जाता था। लेकिन बीते एक दशक से मेले का स्थान परिवर्तन होने के कारण गोरलचौड़ मैदान में मेले का आयोजन किया जा रहा था। इस दफा कोरोना संक्रमण के चलते गोरलचौड़ मैदान में बगवाली मेले का आयोजन नहीं किया गया। संवाद
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पांच सौ किमी दूर से बहन ने भाई का ऑनलाइन किया पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद जनपद में भाई दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने पूजा-अर्चना कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। जिले में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भाई दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, थल, मुनस्यारी, डीडीहाट, धारचूला, अस्कोट, कनालीछीना, झूलाघाट में भाई दूज उत्साह के साथ मनाया गया। वड्डा के रियांसी गांव निवासी नैना ने अपने छोटे भाई अमन का ऑनलाइन पूजन किया।
अमन दिल्ली में नौकरी करते हैं। वह कोरोना के कारण घर नहीं आ सके। सोमवार को बहन ने पांच सौ किमी दूर पिथौरागढ़ से ही हाथों में च्यूड़े लेकर भाई के लंबी उम्र और निरोग रहने की कामना की। वहां दिल्ली में अमन की मां ने च्यूड़े तेल में भिगोकर अमन का सिर पूजा। भाई को पर्व पर कमी महसूस न हो तो बहन ने भाई का ऑनलाइन सिर पूजा। भाई ने भी परंपरा के अनुसार बहन को ऑनलाइन दक्षिणा भेजी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बैलों के सिर भी पूजे गए
पिथौरागढ़। परंपरा के अनुसार पिथौरागढ़ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने बैलों के सींग में तेल लगाकर उनका पूजन किया। च्यूड़ों से बैलों का सिर भी पूजा गया। दीपावली पर्व पर भाई दूज के दिन किसान हर साल धरती का सीना चीरकर फसलें उगाने में अहम भूमिका निभाने वाले बैलों को भी पूजते हैं।
16पीटीएच13 पी- दिल्ली में नैना के भाई अमन का सिर पूजती मां।
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