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Champawat News: चार साल से लगा रहे आस, अब तक नहीं मिला आवास
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पाटी ब्लाक के जनकांडे गांव में जर्जर भवन में रहने को मजबूर लोग।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड पाटी के जनकांडे गांव के चयनित परिवारों को चार साल बीतने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास नहीं मिल सका है। लोगों ने आवास वितरण में विभागीय अधिकारियों पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर पात्र लोगों को आवास का लाभ दिए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने सोमवार को अशोक मेहरा के नेतृत्व में सीडीओ को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अधिकारियों ने गांव में सर्वे कर नौ गरीब लोगों को चिह्नित किया था। चार साल बीतने के बावजूद भी चिह्नित परिवारों को आवास नहीं मिल पाया है जिसके कारण ये परिवार जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आरोप लगाया कि आवास योजना के लिए दो किस्तों में पैसा भेजा जा चुका है पर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जनकांडे ग्राम सभा में योजना से एक भी आवास अभी तक नहीं बन पाया है जबकि अन्य गांव में 10 से 15 आवास बनाए जा चुके हैं। इस कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने जल्द पात्र लोगों को आवास न मिलने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। इस दौरान उत्तम सिंह, पुष्कर सिंह, प्रताप सिंह, त्रिलोक सिंह, नंदन सिंह मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री आवास केंद्र सरकार से स्वीकृत होते हैं। इन आवासों के वितरण में ब्लॉक व जिला स्तरीय अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं होती है। इस वर्ष जिले में 771 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं जिनमें से 761 का चयन हो चुका है, पांच लोग अपात्र मिले हैं, चार आवेदकों की मृत्यु और आवेदक व्यक्ति लापता है। आवास को लेकर यदि किसी भी व्यक्ति को दिक्कत है तो वह उनसे संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- आरएस रावत, मुख्य विकास अधिकारी चंपावत
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ग्रामीणों ने सोमवार को अशोक मेहरा के नेतृत्व में सीडीओ को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अधिकारियों ने गांव में सर्वे कर नौ गरीब लोगों को चिह्नित किया था। चार साल बीतने के बावजूद भी चिह्नित परिवारों को आवास नहीं मिल पाया है जिसके कारण ये परिवार जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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आरोप लगाया कि आवास योजना के लिए दो किस्तों में पैसा भेजा जा चुका है पर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जनकांडे ग्राम सभा में योजना से एक भी आवास अभी तक नहीं बन पाया है जबकि अन्य गांव में 10 से 15 आवास बनाए जा चुके हैं। इस कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने जल्द पात्र लोगों को आवास न मिलने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। इस दौरान उत्तम सिंह, पुष्कर सिंह, प्रताप सिंह, त्रिलोक सिंह, नंदन सिंह मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री आवास केंद्र सरकार से स्वीकृत होते हैं। इन आवासों के वितरण में ब्लॉक व जिला स्तरीय अधिकारियों की कोई भूमिका नहीं होती है। इस वर्ष जिले में 771 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं जिनमें से 761 का चयन हो चुका है, पांच लोग अपात्र मिले हैं, चार आवेदकों की मृत्यु और आवेदक व्यक्ति लापता है। आवास को लेकर यदि किसी भी व्यक्ति को दिक्कत है तो वह उनसे संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- आरएस रावत, मुख्य विकास अधिकारी चंपावत