{"_id":"59416e8d4f1c1bef158b45d7","slug":"bed-trainees-will-boycott-classes-for-three-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएड प्रशिक्षु तीन दिन तक कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएड प्रशिक्षु तीन दिन तक कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
एसडीएम को ज्ञापन देते बीएड प्रशिक्ष्ाु
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीजी कॉलेज में संचालित हो रहे स्ववित्तपोषित बीएड को राज्य वित्तपोषित करने की मांग की अनदेखी किए जाने पर छात्र-छात्राओं में शासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शासन के उपेक्षित रवैये से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने 19 जून से 21 जून तक कक्षाओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
बुधवार को बीएड विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गोविंद प्रसाद के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी के माध्यम से उच्चशिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि छात्र छात्राएं विगत नौ सालों से लोहाघाट के बीएड विभाग को स्ववित्तपोषित से राज्य वित्त पोषित करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी अब तक सुध नहीं ली है। जबकि प्रदेश में दो निजी बीएड महाविद्यालयों को राज्य पोषित कर दिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इससे लोहाघाट से बीएड करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि है कि अगर समय से यहां भी राज्य वित्तपोषित नहीं किया गया तो समस्त छात्र-छात्राएं आंदोलन और क्रमिक अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। छात्रों का कहना है कि राज्य पोषित बीएड कॉलेजों में जहां छात्र छात्राओं को मात्र 12 हजार रुपये शुल्क देना पड़ता है, वहीं स्व वित्तपोषित बीएड कॉलेजों में 70 हजार रुपये शुल्क के अलावा अन्य खर्चों का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कक्षाओं के बहिष्कार के बाद क्रमिक अनशन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में कमल जोशी, गोपाल भट्ट, गंगा आर्या, संदीप चंद, ममता पुजारी, उषा बिष्ट, रेनू माहरा, प्रियंका, संजय, सुभाष, लता भट्ट, ममता कोटिया, संजय गोबाड़ी आदि शामिल थे।
विज्ञापन