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नवरात्र नजदीक, व्यवस्थाएं बेपटरी
Tue, 02 Apr 2019 10:42 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Tue, 02 Apr 2019 10:42 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम में जान जोखिम में डाल कर पहाड़ी के शॉर्टकट रास्ते से आवाजाही करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का सिलसिला लगातार बना हुआ है। आगामी छह अप्रैल से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों की तैयारी चल रही है लेकिन मेला प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर उदासीन बना हुआ है। पेयजल लाइन तीन दिन से क्षतिग्रस्त पड़ी है जिससे धाम के टुन्यास क्षेत्र में पानी का संकट बना हुआ है। दुकानदारों के साथ ही यात्रियों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी लचर बनी हुई है।
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23 अप्रैल से शुरू हुए मेले में दूर-दराज से हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चैत्र नवरात्रों में श्रद्धालुओं की और भीड़ उमड़ेगी लेकिन व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन कतई संजीदा नहीं है। बताया गया कि धाम क्षेत्र की निगालीगाड़ पेयजल योजना बीते रविवार से क्षतिग्रस्त पड़ी है जिससे समूचे टुन्यास क्षेत्र की जलापूर्ति ठप है।
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गर्मी की तपिश में श्रद्धालुओं को स्नान तो दूर प्यास बुझाने तक को पानी नहीं मिल पा रहा है। प्यास बुझाने को बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत के लिए ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों की टीम भेजी गई है। जल्द ही जलापूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
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मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि धाम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था लचर बनी हुई है। घंटों तक बिजली कटौती से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर रात के समय ज्यादा दिक्कत हो रही है।
शॉर्टकट रास्तों से आवाजाही का जोखिम उठा रहे हैं श्रद्धालु
मेला प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा की चिंता नहीं है। जल्दी पहुंचने के चक्कर में श्रद्धालु पहाड़ियों के शॉर्टकट मार्ग से आवाजाही का जोखिम उठा रहे हैं। हालांकि कई शॉर्टकट रास्तों को टिन लगाकर बंद किया गया है लेकिन कई रास्तों को बंद नहीं किए जाने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
टैक्सी वाहनों में जमकर हो रही ओवरलोडिंग
पूर्णागिरि मेले में ठुलीगाड़-भैरव मंदिर के बीच ऑन पेमेंट चल रहे टैक्सी वाहनों में हो रही ओवरलोडिंग पर पुलिस और परिवहन विभाग का कोई अंकुश नहीं है। पुलिस की आंखों के सामने नौ सवारी परमिट पर 12 से 14 यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ढोया जा रहा है जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है।