लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के प्रसिद्ध लड़ीधूरा मंदिर की खोदाई के दौरान मिली शिलाओं का जायजा लेने अल्मोड़ा से पुरातत्व विभाग की टीम शनिवार को मंदिर पहुंची। टीम ने मंदिर परिसर और उस स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया जहां से शिलाएं मिली थी।
पुरातत्व अधिकारी चंद्र सिंह चौहान ने कहा कि लोक परंपराओं, मान्यताओं, धार्मिक आस्था को नकारा नहीं जा सकता है। बाराकोट का लड़ीधूरा मंदिर क्षेत्र में बहुत बड़ी आस्था का केंद्र हो सकता है। ऐसा संभव है कि खोदाई में मिली शिलाओं को पूर्णागिरि से तीन चार सौ वर्ष पूर्व लाया गया हो लेकिन इनमें इन्हें पुरातत्व से नहीं जोड़ा जा सकता है।
पुरातत्व अधिकारी ने मंदिर में पत्थर के पुराने अवशेषों, बिरखमों, पुराने बर्तनों, मंदिर के दोनों डोलों की नक्काशी, झूले आदि का भी निरीक्षण किया। बता दें कि एक सप्ताह पूर्व मंदिर की खोदाई के दौरान दो शिलाएं मिली थीं जिसके बाद शिलाओं के दर्शन करने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। इस अवसर पर दुर्गेश जोशी, देवेंद्र अधिकारी, उमेश्वर अधिकारी, कुंदन बोहरा, उत्तम नेगी आदि मौजूद रहे।