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आरोपियों पर न किया जाए रहम, दी जाए सख्त सजा
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अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद में अपने विचार रखती महि?
- फोटो : LOHAGHAT
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स, कब तक निर्भया
आरोपियों पर न किया जाए रहम, दी जाए सख्त सजा
महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी, दूसरों की बहन-बेटियों के मान-सम्मान की बेटों को देनी होगी सीख
बीएनके अस्पताल सभागार में आयोजित संवाद में बोलीं महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
लोहाघाट (चंपावत)। अमर उजाला ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले ‘आखिर कब तक निर्भया’ पर मंगलवार को महिलाओं के साथ संवाद का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया। इसके लिए पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरे और अन्य उपाय किए जाने की मांग की। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग उठाई।
बीएनके अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या को शर्मसार करने वाली घटना बताया। कहा कि कसूरवारों को फांसी पर लटकाया जाए। महिला सुरक्षा के उपायों की विस्तृत समीक्षा कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सभ्य समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर आवाज उठानी होगी।
परिवार में बेटों को दूसरों की बहिन-बेटियों के प्रति सम्मान की नजर रखने और अच्छे संस्कार देकर सही राह पर चलने को प्रेरित करने में बुजुर्गों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अजनबी व संदिग्ध किस्म के लोगों की सूचना पुलिस को देने, बगैर सत्यापन फेरी लगाने की अनुमति न देने जैसे कई सुझाव भी रखे गए। इस दौरान महिला सशक्तीकरण की शपथ ली गई। वहां राधिका देवी, सोनिया, धना देवी, गीता देवी, रेखा अधिकारी, लक्ष्मी महर, लीला बगौली, प्रेरणा गोस्वामी, नेहा थापा, शिखा पांडेय, लाइबा, बाला देवी, मनीषा राय आदि थे।
तेलंगाना की जघन्य वारदात जैसे अत्याचार आखिर महिलाएं कब तक सहेंगी। सरकार को महिला सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने होंगे। मातृशक्ति को भी जागरूक करना होगा। रेखा अधिकारी।
-तेलंगाना जैसी वारदात की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने के लिए ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। ताकि दूसरों को इससे सबक मिल सके। लक्ष्मी महर
-तेलंगाना और अन्य जगह की वारदातों से महिलाओं में खौफ है। ट्यूशन, कॉलेज आदि जगह भी छात्राओं को अकेले भेजने में डर लग रहा है। पुख्ता सुरक्षा ही इसका विकल्प है। लीला बगौली
- तेलंगाना की जघन्य वारदात ने दूरदराज की महिलाओं और बालिकाओं को भी दहशत में डाल दिया है। ऐसे दुराचारियों को जेल की रोटी खिलाने के बजाय गोली मारकर सख्त संदेश दिया जाना चाहिए। प्रेरणा गोस्वामी
-तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात की पुनरावृत्ति को रोकने का एक ही उपाय है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति बनाई जाए। मनीषा राय
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आरोपियों पर न किया जाए रहम, दी जाए सख्त सजा
महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी, दूसरों की बहन-बेटियों के मान-सम्मान की बेटों को देनी होगी सीख
बीएनके अस्पताल सभागार में आयोजित संवाद में बोलीं महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
लोहाघाट (चंपावत)। अमर उजाला ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले ‘आखिर कब तक निर्भया’ पर मंगलवार को महिलाओं के साथ संवाद का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया। इसके लिए पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरे और अन्य उपाय किए जाने की मांग की। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग उठाई।
बीएनके अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या को शर्मसार करने वाली घटना बताया। कहा कि कसूरवारों को फांसी पर लटकाया जाए। महिला सुरक्षा के उपायों की विस्तृत समीक्षा कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सभ्य समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर आवाज उठानी होगी।
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परिवार में बेटों को दूसरों की बहिन-बेटियों के प्रति सम्मान की नजर रखने और अच्छे संस्कार देकर सही राह पर चलने को प्रेरित करने में बुजुर्गों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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अजनबी व संदिग्ध किस्म के लोगों की सूचना पुलिस को देने, बगैर सत्यापन फेरी लगाने की अनुमति न देने जैसे कई सुझाव भी रखे गए। इस दौरान महिला सशक्तीकरण की शपथ ली गई। वहां राधिका देवी, सोनिया, धना देवी, गीता देवी, रेखा अधिकारी, लक्ष्मी महर, लीला बगौली, प्रेरणा गोस्वामी, नेहा थापा, शिखा पांडेय, लाइबा, बाला देवी, मनीषा राय आदि थे।
तेलंगाना की जघन्य वारदात जैसे अत्याचार आखिर महिलाएं कब तक सहेंगी। सरकार को महिला सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने होंगे। मातृशक्ति को भी जागरूक करना होगा। रेखा अधिकारी।
-तेलंगाना जैसी वारदात की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने के लिए ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। ताकि दूसरों को इससे सबक मिल सके। लक्ष्मी महर
-तेलंगाना और अन्य जगह की वारदातों से महिलाओं में खौफ है। ट्यूशन, कॉलेज आदि जगह भी छात्राओं को अकेले भेजने में डर लग रहा है। पुख्ता सुरक्षा ही इसका विकल्प है। लीला बगौली
- तेलंगाना की जघन्य वारदात ने दूरदराज की महिलाओं और बालिकाओं को भी दहशत में डाल दिया है। ऐसे दुराचारियों को जेल की रोटी खिलाने के बजाय गोली मारकर सख्त संदेश दिया जाना चाहिए। प्रेरणा गोस्वामी
-तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात की पुनरावृत्ति को रोकने का एक ही उपाय है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति बनाई जाए। मनीषा राय