{"_id":"60202d618ebc3e4c8d41b63b","slug":"an-accident-opens-the-cross-barrier-quality-champawat-news-hld413952072","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक हादसे ने खोल दी क्रस बैरियर की गुणवत्ता की पोल!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक हादसे ने खोल दी क्रस बैरियर की गुणवत्ता की पोल!
विज्ञापन
शनिवार को स्वांला के पास इस क्रस बैरियर को तोड़ खाई में गिरी थी कार।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। वाकया शनिवार शाम का है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर एक कार किनारे लगे क्रस बैरियर को तोड़ते हुए खाई में समा जाती है। और बुरी तरह जख्मी कार सवार ताकुला पुलिस चौकी के प्रभारी बीएस रैंसवाल हल्द्वानी के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस दुर्घटना ने निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा के उपायों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
डेढ़ हजार करोड़ रुपये से बनाई जा रही टनकपुर से पिथौरागढ़ तक की 133 किमी की सड़क इस साल 31 मार्च तक पूरी होगी। सड़क के डामरीकरण का 93 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। चंपावत जिले के हिस्से में आने वाली टनकपुर से घाट तक की सड़क के किनारे 64 क्रस बैरियर लगाए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर बैरियर लगाए जा चुके हैं। इन क्रस बैरियर से सड़क की सुरक्षा की दलील दी जाती है, लेकिन स्वांला के पास कार का क्रस बैरियर को तोड़ते हुए खाई में लुढ़कना गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष सड़क की गुणवत्ता पर उठा चुके हैं अंगुली
चंपावत। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष भी कई बार सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा चुका है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक तो निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर मानकों की अनदेखी से लेकर घटिया काम की शिकायत कर चुके हैं। पाठक का कहना है कि बारहमासी सड़क पर समरेखण की खामी से लेकर क्रस बैरियर की गुणवत्ता तक में अनेकों जगह गड़बड़ी नजर आती है। पाठक का कहना है कि कार की गति को नहीं रोक पाने से क्रस बैरियर की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसे में निर्माणाधीन सड़क में सुरक्षागत उपाय कटघरे में आते हैं। शनिवार को हुए हादसे के बाद इस मामले को फिर से उठाया जाएगा।
विज्ञापन
कोट
निर्माणाधीन सड़क या क्रस बैरियर की गुणवत्ता में कमी नहीं है। ऐसा लगता है कि कार की गति काफी ज्यादा थी और ब्रेक लगाने के बजाय हड़बड़ाहाट में एक्सीलेटर पर पांव पड़ने से गति और भी ज्यादा हो गई हो।
एलडी मथेला,
ईई, एनएच खंड,
लोहाघाट।
विज्ञापन
डेढ़ हजार करोड़ रुपये से बनाई जा रही टनकपुर से पिथौरागढ़ तक की 133 किमी की सड़क इस साल 31 मार्च तक पूरी होगी। सड़क के डामरीकरण का 93 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। चंपावत जिले के हिस्से में आने वाली टनकपुर से घाट तक की सड़क के किनारे 64 क्रस बैरियर लगाए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर बैरियर लगाए जा चुके हैं। इन क्रस बैरियर से सड़क की सुरक्षा की दलील दी जाती है, लेकिन स्वांला के पास कार का क्रस बैरियर को तोड़ते हुए खाई में लुढ़कना गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा है।
विज्ञापन
भाजपा जिलाध्यक्ष सड़क की गुणवत्ता पर उठा चुके हैं अंगुली
चंपावत। विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष भी कई बार सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठा चुका है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक तो निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर मानकों की अनदेखी से लेकर घटिया काम की शिकायत कर चुके हैं। पाठक का कहना है कि बारहमासी सड़क पर समरेखण की खामी से लेकर क्रस बैरियर की गुणवत्ता तक में अनेकों जगह गड़बड़ी नजर आती है। पाठक का कहना है कि कार की गति को नहीं रोक पाने से क्रस बैरियर की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसे में निर्माणाधीन सड़क में सुरक्षागत उपाय कटघरे में आते हैं। शनिवार को हुए हादसे के बाद इस मामले को फिर से उठाया जाएगा।
विज्ञापन
कोट
निर्माणाधीन सड़क या क्रस बैरियर की गुणवत्ता में कमी नहीं है। ऐसा लगता है कि कार की गति काफी ज्यादा थी और ब्रेक लगाने के बजाय हड़बड़ाहाट में एक्सीलेटर पर पांव पड़ने से गति और भी ज्यादा हो गई हो।
एलडी मथेला,
ईई, एनएच खंड,
लोहाघाट।