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Champawat News: एक पलटी ने बचा ली अनहोनी... खाई में लुढ़कने से बची बस
Mon, 19 Jun 2023 09:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 19 Jun 2023 09:40 PM IST
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धौन में दुर्घटनाग्रस्त बस का मुआयना करते एआरटीओ सुरेंद्र कुमार। संवाद
चंपावत। एनएच पर धौन के पास हुए बस हादसे में 34 तीर्थ यात्री घायल हुए। एक पलटी के बाद बस के सड़क किनारे अटकने से कई जिंदगियां बच गईं और इसी के साथ बची एक बड़ी अनहोनी। इस स्थान पर करीब 200 फीट गहरी खाई है। हादसे के घायल यात्रियों का कहना है कि वाहे गुरु के आशीर्वाद से ही उनकी जान बची है।
महेंद्र सिंह, निर्मल सिंह और अमरजीत सिंह बताते हैं कि रीठा साहिब से 88 किमी दूर धौन तक का सफर सुहाने मौसम के बीच खुशगवार तरीके से चल रहा था लेकिन तभी एकाएक बस का ब्रेक फेल हो गया। चालक बलराम ने दुर्घटना वाली जगह से दो मोड़ पहले इसकी जानकारी यात्रियों को दी थी। छोटे बच्चों को बस की पिछली सीट की ओर ले जाने को कहा गया लेकिन बस मुश्किल से 30 मीटर आगे बढ़ी कि तीव्र ढलान में अनियंत्रित हो गई।
बायीं तरफ पहाड़ी और दाहिनी तरफ खाई के बीच सड़क पर मोड़ थे जिससे बस पर नियंत्रण बेहद मुश्किल था। आखिरकार चालक ने खाई से बचाने के लिए पहाड़ी से सटाकर बस को आगे बढ़ाया। इसी बीच बस पैरापिट से टकराकर खाई की ओर जाने लगी लेकिन किसी तरह किनारे पर अटकने से लोगों की जिंदगी बच गई। हादसे में चालक के पांव भी बुरी तरह चोटिल हुए हैं लेकिन सभी यात्रियों की जिंदगी बच गई। तीर्थ यात्रियों का कहना था कि रात में यात्रा न रोकनी पड़े इसके लिए बस में दो चालक थे।
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पूर्व प्रधान जगदीश भट्ट बताते हैं कि रात को भारी पत्थर गिरने जैसे आवाज होने से हादसे की आहट हुई। तत्काल ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को निकालने से लेकर पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ। संवाद
बाक्स
मददगारों को सम्मानित करेगा प्रशासन
ग्राम प्रधान नवीन सिंह रावत, संजय, रोहित, नारायण दत्त भट्ट, संजय भट्ट, भोला भट्ट, महेंद्र कुमार, देवीदत्त, भुवन चंद्र शर्मा, आनंद सिंह, पंकज भट्ट आदि ने बस हादसे के घायलों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। जल्द ही प्रशासन इन सभी देवदूतों को सम्मानित करेगा।
बाक्स
एक यात्री ने दी थी सबसे पहले हादसे की जानकारी
रविवार रात में हुए बस हादसे की सबसे पहले जानकारी एक यात्री ने दी थी। चंपावत पुलिस में कार्यरत अपने भाई से मिलने आ रहे रुद्रपुर निवासी सुखबीर सिंह घटना के समय वहां से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने 10:02 बजे अपने भाई को फोन कर सूचना दी। इसके बाद जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष से लेकर पूरे प्रशासनिक अमले को दुर्घटना की जानकारी लगी। इसके बाद बचाव और राहत कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना की तत्काल जानकारी मिलने से जन क्षति बची और घायलों को समय पर इलाज मिल पाया।
बाक्स
रात में आवाजाही शुरू होने के बाद एनएच पर पहला हादसा
सड़क की हालत ठीक नहीं होने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षों तक रात को आवाजाही प्रतिबंधित थी। एनएच पर बारहमासी सड़क बनने से ये प्रतिबंध इस साल 18 मार्च को हटा लिया गया था। अब इस सड़क पर हर समय वाहनों का आवागमन होता है। रात में आवाजाही सुचारू होने के बाद ये पहली सड़क दुर्घटना है। इससे पहले पिछले साल 21 फरवरी की रात ककनई में बरात की जीप के खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी।
बाक्स
एआरटीओ ने किया तकनीकी मुआयना
एआरटीओ सुंदर कुमार ने परिवहन विभाग की तकनीकी टीम के साथ सोमवार सुबह दुर्घटना स्थल का मुआयना किया। उनका कहना है कि प्रथम दृष्ट्या बस हादसे की वजह ब्रेक फेल दृष्टिगत हो रही है। अलबत्ता हादसे की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है। 42 सीट की क्षमता वाली बस के कागजात पूरे हैं। हालांकि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे।
बाक्स
21 साल पहले 13 तीर्थ यात्रियों की हुई थी मौत
रीठा साहिब गुरुद्वारा आने वाले तीर्थ यात्रियों के साथ इससे पूर्व वर्ष 2002 में सड़क दुर्घटना हुई थी। एनएच पर सिन्याड़ी के पास एक ट्रक के खाई में गिरने से 13 यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 40 से अधिक यात्री घायल हो गए थे।
इनसेट
जिले में 2023 में हुई प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
19 फरवरी : बाराकोट के खोल्का गुमौद के पास जीप के खाई में गिरने से जीप स्वामी की मौत।
5 मार्च: चंपावत के दुधौरी में खाई में जीप के गिरने से चार यात्रियों की मौत।
२3 मार्च : पूर्णागिरि मार्ग पर ठुलीगाड़ में बस से कुचलकर पांच श्रद्धालुओं की मौत, आठ घायल।
24 मार्च : पूर्णागिरि मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 10 साल के बच्चे की मौत।
5 मई : चंपावत में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक ग्रामीण की मौत।
18 जून : धौन के पास तीर्थ यात्रियों की बस पलटी, 34 यात्री घायल।
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महेंद्र सिंह, निर्मल सिंह और अमरजीत सिंह बताते हैं कि रीठा साहिब से 88 किमी दूर धौन तक का सफर सुहाने मौसम के बीच खुशगवार तरीके से चल रहा था लेकिन तभी एकाएक बस का ब्रेक फेल हो गया। चालक बलराम ने दुर्घटना वाली जगह से दो मोड़ पहले इसकी जानकारी यात्रियों को दी थी। छोटे बच्चों को बस की पिछली सीट की ओर ले जाने को कहा गया लेकिन बस मुश्किल से 30 मीटर आगे बढ़ी कि तीव्र ढलान में अनियंत्रित हो गई।
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बायीं तरफ पहाड़ी और दाहिनी तरफ खाई के बीच सड़क पर मोड़ थे जिससे बस पर नियंत्रण बेहद मुश्किल था। आखिरकार चालक ने खाई से बचाने के लिए पहाड़ी से सटाकर बस को आगे बढ़ाया। इसी बीच बस पैरापिट से टकराकर खाई की ओर जाने लगी लेकिन किसी तरह किनारे पर अटकने से लोगों की जिंदगी बच गई। हादसे में चालक के पांव भी बुरी तरह चोटिल हुए हैं लेकिन सभी यात्रियों की जिंदगी बच गई। तीर्थ यात्रियों का कहना था कि रात में यात्रा न रोकनी पड़े इसके लिए बस में दो चालक थे।
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पूर्व प्रधान जगदीश भट्ट बताते हैं कि रात को भारी पत्थर गिरने जैसे आवाज होने से हादसे की आहट हुई। तत्काल ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को निकालने से लेकर पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी गई जिसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ। संवाद
बाक्स
मददगारों को सम्मानित करेगा प्रशासन
ग्राम प्रधान नवीन सिंह रावत, संजय, रोहित, नारायण दत्त भट्ट, संजय भट्ट, भोला भट्ट, महेंद्र कुमार, देवीदत्त, भुवन चंद्र शर्मा, आनंद सिंह, पंकज भट्ट आदि ने बस हादसे के घायलों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। जल्द ही प्रशासन इन सभी देवदूतों को सम्मानित करेगा।
बाक्स
एक यात्री ने दी थी सबसे पहले हादसे की जानकारी
रविवार रात में हुए बस हादसे की सबसे पहले जानकारी एक यात्री ने दी थी। चंपावत पुलिस में कार्यरत अपने भाई से मिलने आ रहे रुद्रपुर निवासी सुखबीर सिंह घटना के समय वहां से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने 10:02 बजे अपने भाई को फोन कर सूचना दी। इसके बाद जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष से लेकर पूरे प्रशासनिक अमले को दुर्घटना की जानकारी लगी। इसके बाद बचाव और राहत कार्य शुरू किया गया। दुर्घटना की तत्काल जानकारी मिलने से जन क्षति बची और घायलों को समय पर इलाज मिल पाया।
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रात में आवाजाही शुरू होने के बाद एनएच पर पहला हादसा
सड़क की हालत ठीक नहीं होने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षों तक रात को आवाजाही प्रतिबंधित थी। एनएच पर बारहमासी सड़क बनने से ये प्रतिबंध इस साल 18 मार्च को हटा लिया गया था। अब इस सड़क पर हर समय वाहनों का आवागमन होता है। रात में आवाजाही सुचारू होने के बाद ये पहली सड़क दुर्घटना है। इससे पहले पिछले साल 21 फरवरी की रात ककनई में बरात की जीप के खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी।
बाक्स
एआरटीओ ने किया तकनीकी मुआयना
एआरटीओ सुंदर कुमार ने परिवहन विभाग की तकनीकी टीम के साथ सोमवार सुबह दुर्घटना स्थल का मुआयना किया। उनका कहना है कि प्रथम दृष्ट्या बस हादसे की वजह ब्रेक फेल दृष्टिगत हो रही है। अलबत्ता हादसे की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है। 42 सीट की क्षमता वाली बस के कागजात पूरे हैं। हालांकि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे।
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21 साल पहले 13 तीर्थ यात्रियों की हुई थी मौत
रीठा साहिब गुरुद्वारा आने वाले तीर्थ यात्रियों के साथ इससे पूर्व वर्ष 2002 में सड़क दुर्घटना हुई थी। एनएच पर सिन्याड़ी के पास एक ट्रक के खाई में गिरने से 13 यात्रियों की मौत हो गई थी जबकि 40 से अधिक यात्री घायल हो गए थे।
इनसेट
जिले में 2023 में हुई प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
19 फरवरी : बाराकोट के खोल्का गुमौद के पास जीप के खाई में गिरने से जीप स्वामी की मौत।
5 मार्च: चंपावत के दुधौरी में खाई में जीप के गिरने से चार यात्रियों की मौत।
२3 मार्च : पूर्णागिरि मार्ग पर ठुलीगाड़ में बस से कुचलकर पांच श्रद्धालुओं की मौत, आठ घायल।
24 मार्च : पूर्णागिरि मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 10 साल के बच्चे की मौत।
5 मई : चंपावत में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक ग्रामीण की मौत।
18 जून : धौन के पास तीर्थ यात्रियों की बस पलटी, 34 यात्री घायल।