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Champawat News: एक पल में बर्बाद हो गई जिंदगीभर की खून पसीने की कमाई
Fri, 19 May 2023 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 19 May 2023 11:38 PM IST
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पूर्णागिरि धाम में काली मंदिर के पास टेड़ी पुलिया पर आग से खाक हुई दुकान। संवाद
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। कालीमंदिर के पास टेड़ी पुलिया में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने एक पल में तीन परिवारों की जिंदगीभर की खून पसीने की कमाई खाक हो गई। कर्ज लेकर कुछ समय पहले इस तीन मंजिली दुकान पर भारी भरकम पूंजी लगाई थी। मेले में काम भी अच्छा था। लेकिन शार्ट सर्किट ने एक पल में तीन भाई प्रकाश तिवारी, रमेश तिवारी के अलावा तीसरे भाई स्वर्गीय धर्मानंद तिवारी की पत्नी हेमा तिवारी की मेहनत पर पानी फेर दिया।
इस भीषण त्रासदी के बीच एक अच्छी बात यह रही कि कोई जन क्षति नहीं हुई। जबकि पौन घंटे तक पहले दुकान में 115 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। स्नान करने के बाद प्रसाद लेकर वे पूर्णागिरि धाम निकल गए। हालात सामान्य होने के बाद इन श्रद्धालुओं ने भी देवी का स्मरण करते हुए आभार जताया। मंदिर समिति का कहना है कि रात में हादसा होता, तो हालात भयावह हो सकते थे। सुबह का वक्त होने से ज्यादार लोग जागे थे और श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए निकले थे। गोदाम में काम कर रहे कारीगर लक्ष्मण और नरेश भी भागकर सुरक्षित जगह पहुंचने में सफल रहे। दुकान स्वामी प्रकाश तिवारी इस झटके से सदमे में हैं। वे अब भी समझ नहीं पा रहे कि ये सब कैसे हो गया। दूसरे भाई रमेश तिवारी परिवार को हौसला दे रहे हैं।
भैरव मंदिर में तैनात है फायरबिग्रेड
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम का काफी बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र है। मई के महीने में तपिश भी खूब होती है। ऐसे में आग पकडने का अंदेशा भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है। इन सबको देखते हुए पुलिस ने अग्रिशमन दस्ते को मुस्तैद किया था। और शुक्रवार को महत्वपूर्ण परीक्षा में वे पास रहे। धाम में भैरव मंदिर तक सड़क है, उस जगह तक अग्रिशमन वाहन तैनात है। वाहन में पानी भी था। साथ ही भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच तीन जगह हाइड्रेंड भी है। भैरव मंदिर से आगे मुख्य मंदिर तक के पैदल रास्ते में पानी की जल संस्थान के अलावा दुकानदारों की भी अच्छी व्यवस्था थी। अगर ये सब न होता, तो शुक्रवार को हालात भयावह होते। वहीं एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि हादसे से सबक लेते हुए अब आग से बचाव के उपायों को और अधिक बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा।
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चार घंटे गुल रही बिजली
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। आग लगने के दौरान मुख्य मंदिर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। सुरक्षागत कारणों से बिजली आपूर्ति रोक दी गई। अलबत्ता मध्यान्ह 12 बजे बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।
आपदा से बाहर है आग की वारदात
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। आग की वारदात को आपदा में शामिल नहीं किया गया है। इस वजह से अग्रिकांड में 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान के बावजूद पीड़ित परिवार को आपदा राहत में कोई मदद नहीं मिलेगी। एसडीएम सुंदर सिंह का कहना है कि आपदा में नहीं होने से आग से हुए नुकसान में राहत देना संभव नहीं है। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष पंडित भुवन पांडेय ने सरकार से दूसरी मद से प्रभावित लोगों को मदद देने का आग्रह किया है।
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इस भीषण त्रासदी के बीच एक अच्छी बात यह रही कि कोई जन क्षति नहीं हुई। जबकि पौन घंटे तक पहले दुकान में 115 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। स्नान करने के बाद प्रसाद लेकर वे पूर्णागिरि धाम निकल गए। हालात सामान्य होने के बाद इन श्रद्धालुओं ने भी देवी का स्मरण करते हुए आभार जताया। मंदिर समिति का कहना है कि रात में हादसा होता, तो हालात भयावह हो सकते थे। सुबह का वक्त होने से ज्यादार लोग जागे थे और श्रद्धालु देवी दर्शन के लिए निकले थे। गोदाम में काम कर रहे कारीगर लक्ष्मण और नरेश भी भागकर सुरक्षित जगह पहुंचने में सफल रहे। दुकान स्वामी प्रकाश तिवारी इस झटके से सदमे में हैं। वे अब भी समझ नहीं पा रहे कि ये सब कैसे हो गया। दूसरे भाई रमेश तिवारी परिवार को हौसला दे रहे हैं।
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भैरव मंदिर में तैनात है फायरबिग्रेड
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम का काफी बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र है। मई के महीने में तपिश भी खूब होती है। ऐसे में आग पकडने का अंदेशा भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है। इन सबको देखते हुए पुलिस ने अग्रिशमन दस्ते को मुस्तैद किया था। और शुक्रवार को महत्वपूर्ण परीक्षा में वे पास रहे। धाम में भैरव मंदिर तक सड़क है, उस जगह तक अग्रिशमन वाहन तैनात है। वाहन में पानी भी था। साथ ही भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच तीन जगह हाइड्रेंड भी है। भैरव मंदिर से आगे मुख्य मंदिर तक के पैदल रास्ते में पानी की जल संस्थान के अलावा दुकानदारों की भी अच्छी व्यवस्था थी। अगर ये सब न होता, तो शुक्रवार को हालात भयावह होते। वहीं एसपी देवेंद्र पींचा का कहना है कि हादसे से सबक लेते हुए अब आग से बचाव के उपायों को और अधिक बेहतर करने के लिए काम किया जाएगा।
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चार घंटे गुल रही बिजली
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। आग लगने के दौरान मुख्य मंदिर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। सुरक्षागत कारणों से बिजली आपूर्ति रोक दी गई। अलबत्ता मध्यान्ह 12 बजे बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।
आपदा से बाहर है आग की वारदात
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। आग की वारदात को आपदा में शामिल नहीं किया गया है। इस वजह से अग्रिकांड में 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान के बावजूद पीड़ित परिवार को आपदा राहत में कोई मदद नहीं मिलेगी। एसडीएम सुंदर सिंह का कहना है कि आपदा में नहीं होने से आग से हुए नुकसान में राहत देना संभव नहीं है। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष पंडित भुवन पांडेय ने सरकार से दूसरी मद से प्रभावित लोगों को मदद देने का आग्रह किया है।