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ऐच्छिक ब्यूरो पारिवारिक विघटन रोकने में मददगार
Champawat
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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चंपावत। महिलाओं के साथ यौन हिंसा, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक हिंसा, छेड़खानी और अन्य उत्पीड़न के मामले में पुलिस की ओर से गठित महिला ऐच्छिक ब्यूरो सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। जिले में महिला ऐच्छिक ब्यूरो के गठन के छह वर्ष में पारिवारिक विघटन के 64 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के आधार पर परिवारों को एकजुट बनाए जाने में ऐच्छिक ब्यूरो मददगार बना हुआ है।
पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर के अनुसार जिले में 2008 में महिला ऐच्छिक ब्यूरो का गठन किया गया था। तब से अब तक महिला उत्पीड़न से संबंधित 65 शिकायतें ऐच्छिक ब्यूरो में दर्ज कराई गई हैं, जिनमें 64 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है और एक मामले का निस्तारण होना शेष है, जिनमें से 39 शिकायतों में समझौता किया गया, जबकि भरण पोषण संबंधी 17 शिकायतों में मुकदमें दर्ज किए गए। छह मामलों में दोनों पक्षों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा हरदोई (यूपी) निवासी एक महिला के उत्पीड़न की शिकायत हरदोई के ऐच्छिक ब्यूरो को हस्तांतरित कर दी गई है।
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पुलिस अधीक्षक डीएस कुंवर के अनुसार जिले में 2008 में महिला ऐच्छिक ब्यूरो का गठन किया गया था। तब से अब तक महिला उत्पीड़न से संबंधित 65 शिकायतें ऐच्छिक ब्यूरो में दर्ज कराई गई हैं, जिनमें 64 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है और एक मामले का निस्तारण होना शेष है, जिनमें से 39 शिकायतों में समझौता किया गया, जबकि भरण पोषण संबंधी 17 शिकायतों में मुकदमें दर्ज किए गए। छह मामलों में दोनों पक्षों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा हरदोई (यूपी) निवासी एक महिला के उत्पीड़न की शिकायत हरदोई के ऐच्छिक ब्यूरो को हस्तांतरित कर दी गई है।
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