फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   बांज के 115 पेड़ों के कटे ठूंठ मिले

बांज के 115 पेड़ों के कटे ठूंठ मिले

Fri, 10 Jan 2014 05:50 AM IST
Champawat
Champawat Updated Fri, 10 Jan 2014 05:50 AM IST
विज्ञापन
लोहाघाट। बलाई ग्राम पंचायत के अंडोली गांव में सड़क निर्माण के नाम पर 115 बांज के पेड़ों को धराशायी कर दिया गया। बृहस्पतिवार को राजस्व और वन विभाग की टीम के संयुक्त मुआयने में ये खुलासा हुआ। जांच टीम को इन पेड़ों के कटे ठूंठ भी मिले। पेड़ काटने के तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन

ग्रामीण चंदन सिंह ने अंडोली के सिविल वन क्षेत्र से बांज के 300 हरे पेड़ काटने की शिकायत सात जनवरी को प्रशासन से की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार को मौका मुआयना किया। तहसीलदार हरसिंह रजवाड़ के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। मुआयने में एक फीट गोलाई तक के बांज के 115 पेड़ों के कटे ठूंठ मिले। पेड़ों की ज्यादातर लकड़ियां मौके से गायब थीं। अलबत्ता बची लकड़ियां वन विभाग के सुुपुर्द कर दी गई हैं।
विज्ञापन

बताया गया कि ये पेड़ गांव की कूंण तोक से बिष्ट बलांई तक दो किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए काटे गए थे। अलबत्ता अभी रोड की कोई स्वीकृति नहीं है और खुद कुछ गांव वाले इस अवैध काम को करने पर उतारू थे। शिकायत करने वाले शख्स चंदन ने तहसीलदार को बताया कि सुरेश सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह, नारायण बिष्ट समेत गांव के कुछ अन्य लोगों ने सात जनवरी को ये तमाम पेड़ काटे हैं। तहसीलदार ने तीनों नामजद लोगों के अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। शासन की ओर से न तो कोई सड़क स्वीकृत है और न ही कोई प्रस्ताव। निरीक्षण में पाया गया कि उक्त दो किमी के दायरे में सड़क निर्माण किए जाने से लगभग दो हजार तक छोटे बड़े पेड़ आएंगे। निरीक्षण में फॉरिस्टर हीरा सिंह बोहरा, वन बीट अधिकारी पुष्कर बोहरा, अब्दुल अजीज, दिवान सिंह, भुवन चौबे, विमल वर्मा, भुवन मेहता आदि लोग शामिल थे। इस वन पंचायत में सरपंच का कार्यकाल पूरा होेने के बाद अभी नए चुनाव नहीं हुए है, जिसके चलते यहां कोई सरपंच नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहीं बिन मंजूरी बन रहा रोड, तो कई वन अनापत्ति से लटका
जिले में वन अनापत्ति को तरस रही 14 सड़कें
चंपावत। एक ओर रोड की मंजूरी नहीं, लेकिन कतिपय गांव वाले रोड काटने का दुस्साहस कर रहे हैं। वहीं कई ऐसी स्वीकृत सड़के हैं, जहां वन अधिनियम ब्रेकर बना हुआ है। जिले में 14 ऐसे मोटर मार्ग हैं, जिनमें वन अनापत्ति के चलते काम शुरू नहीं हो सका है।

वन विभाग के मुताबिक चंपावत जिले में इस वक्त 14 स्वीकृत मोटर मार्ग वन अनापत्ति की वजह से लटके हैं। सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग का ऐलान साल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने किया था, लेकिन इस सड़क के 31 किमी का हिस्सा अभी तक वन आपत्ति की बाधा को पार नहीं कर सका है और अभी भी इसमें काम लटका है। रीठाखाल-मरांडे, मरोड़खान-दियारतोली, अल्मोड़ा-घाट, स्यांला-पोथ, टनकपुर-पिथौरागढ़ चौड़ीकरण, टनकपुर-तवाघाट, खटौली-वैला मोटर मार्ग का काम वन अधिनियम के चलते नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा एसएसबी की दो चौकी माउंट पूर्णागिरि और चामीगाड़ के भवन निर्माण पर भी वन आपत्ति की तलवार लटकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed