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स्वदेश जाने वाले नेपाली नागरिकों की तादाद बढ़ी
Champawat
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बनबसा। ठंड शुरू होते ही विभिन्न शहरों में मेहनत मजदूरी करने वाले नेपाली नागरिक बड़ी संख्या में स्वदेश लौटने लगे हैं। नेपाली नागरिकों की आवक बढ़ने से इन दिनों बार्डर पर खासी चहल-पहल बनी हुई है।
बनबसा बार्डर के रास्ते अपने वतन लौटने वाले नेपाली नागरिकों की तादाद बढ़ गई है। इमिग्रेशन चेकपोस्ट के पारगमन अधिकारी जीडी जोशी के मुताबिक विभिन्न शहरों में मेहनत मजदूरी करने आए नेपाली नागरिक इस बार्डर से हर दिन करीब एक हजार से डेढ़ हजार की संख्या में स्वदेश लौट रहे हैं। गौरतलब है कि नेपाल के सीमांत महाकाली अंचल के कंचनपुर जिले के अलावा कैलाली, बजांग, रोलपा, डडेलधुरा, बैतड़ी, सुरखेत आदि जिलों से हर साल हजारों नेपाली रोजगार की तलाश में उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों के विभिन्न शहरों को इस बार्डर से प्रस्थान करते हैं। दक्षिण भारत में मजदूरी की अधिक संभावना के चलते कर्नाटक और केरल जाने वाले नेपाली नागरिकी संख्या अधिक होती है।
बनबसा बार्डर के रास्ते अपने वतन लौटने वाले नेपाली नागरिकों की तादाद बढ़ गई है। इमिग्रेशन चेकपोस्ट के पारगमन अधिकारी जीडी जोशी के मुताबिक विभिन्न शहरों में मेहनत मजदूरी करने आए नेपाली नागरिक इस बार्डर से हर दिन करीब एक हजार से डेढ़ हजार की संख्या में स्वदेश लौट रहे हैं। गौरतलब है कि नेपाल के सीमांत महाकाली अंचल के कंचनपुर जिले के अलावा कैलाली, बजांग, रोलपा, डडेलधुरा, बैतड़ी, सुरखेत आदि जिलों से हर साल हजारों नेपाली रोजगार की तलाश में उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल आदि राज्यों के विभिन्न शहरों को इस बार्डर से प्रस्थान करते हैं। दक्षिण भारत में मजदूरी की अधिक संभावना के चलते कर्नाटक और केरल जाने वाले नेपाली नागरिकी संख्या अधिक होती है।
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