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रेस्क्यू आपरेशन के गुर सीख रहे एसएसबी जवान
Champawat
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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चंपावत। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को विशेष प्रशिक्षण के दौरान रविवार को रेस्क्यू आपरेशन चलाने के गुर सिखाए गए। उनको आपदा के समय फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, पेड़ों पर चढ़कर राहत कार्य चलाने, अपराधियों की टोह लेने की विस्तार से जानकारी दी गई।
चौथे चरण के प्रशिक्षण में कुल 36 जवान हिस्सा ले रहे हैं। जवानों को शारीरिक रूप से फिट रहने के साथ-साथ किसी भी तरह की अड़चन से निपटने के तरीके बताए जा रहे हैं। एसएसबी के कमान अधिकारी एससी नेगी ने बताया कि जवानों की क्षमता विकास के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर संचालित किए जाते हैं। इससे पहले जवानों के तीन बैचों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसएसबी के जवानों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण से जवानों का मनोबल बढ़ेगा और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वह सीमा पर सुरक्षा के साथ साथ आम जनता की मदद को भी हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे में जवानों को तमाम तरह के प्रशिक्षण को पूरा करना अनिवार्य होता है। जवानों ने अब तक हथियारों का संचालन, माउंटेनियरिंग, ड्रिल आदि का प्रशिक्षण ले लिया है।
प्रशिक्षण देने के लिए गुमान सिंह, सोबन सिंह, उमेद सिंह और राणा प्रताप को नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण ले रहे जवान बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हर दिन नए किस्म की जानकारी हासिल हो रही है। यह उनके जीवन में किसी भी वक्त काम आएगा।
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चौथे चरण के प्रशिक्षण में कुल 36 जवान हिस्सा ले रहे हैं। जवानों को शारीरिक रूप से फिट रहने के साथ-साथ किसी भी तरह की अड़चन से निपटने के तरीके बताए जा रहे हैं। एसएसबी के कमान अधिकारी एससी नेगी ने बताया कि जवानों की क्षमता विकास के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर संचालित किए जाते हैं। इससे पहले जवानों के तीन बैचों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसएसबी के जवानों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण से जवानों का मनोबल बढ़ेगा और उनके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वह सीमा पर सुरक्षा के साथ साथ आम जनता की मदद को भी हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसे में जवानों को तमाम तरह के प्रशिक्षण को पूरा करना अनिवार्य होता है। जवानों ने अब तक हथियारों का संचालन, माउंटेनियरिंग, ड्रिल आदि का प्रशिक्षण ले लिया है।
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प्रशिक्षण देने के लिए गुमान सिंह, सोबन सिंह, उमेद सिंह और राणा प्रताप को नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण ले रहे जवान बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हर दिन नए किस्म की जानकारी हासिल हो रही है। यह उनके जीवन में किसी भी वक्त काम आएगा।
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