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ज्ञानखेड़ा में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा शुरू
Champawat
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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टनकपुर। ज्ञानखेड़ा गांव में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा शुरू हो गई है। कथा वाचक पं. जगदीश चंद्र उप्रेती शास्त्री ने कथा सुनाते हुए मानव को परोपकारी एवं सद्गुणी व्यक्ति के सानिध्य में रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य बुरी संगत में बुराई की तरफ बढ़ता है। शुभारंभ मौके पर महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य निर्मला ज्याल के आवास में आयोजित महापुराण कथा का शुभारंभ कथावाचक पं. उप्रेती के पुरोहित्य में हुआ। परंपरागत कुमाऊंनी परिधान पहनी महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली तथा शारदा का पवित्र जल लाकर जलाभिषेक किया। कलश यात्रा में चंद्र ज्याल, रंजना नेगी ज्योति ज्याल, नेहा बिष्ट, कल्पना जोशी, तारा मिश्रा, कमला ज्याल, प्रभा ज्याल, मुन्नी नेगी, लीला भंडारी, जानकी ज्याल के अलावा एनबी जोशी, महेश जोशी, हेम जोशी, जनार्दन नेगी, किशोर नेगी आदि शामिल थे। पहले दिन कथावाचक पं. उप्रेती ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग से ही वाल्मीकि महान बने। आयोजक निर्मला ज्याल ने बताया कि कथा 22 नवंबर तक चलेगी। पंचमी पर नियमित प्रात: पूजन एवं मूल पाठ तथा नवमी के दिन कथा, पूजा, गोदान, कन्या पूजा, पुस्तक पूजा, व्यास पूजा, महाआरती, रक्षा आशीर्वाद के साथ ही क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं मानव कल्याण के लिए हवन कर भंडारा आयोजित होगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य निर्मला ज्याल के आवास में आयोजित महापुराण कथा का शुभारंभ कथावाचक पं. उप्रेती के पुरोहित्य में हुआ। परंपरागत कुमाऊंनी परिधान पहनी महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली तथा शारदा का पवित्र जल लाकर जलाभिषेक किया। कलश यात्रा में चंद्र ज्याल, रंजना नेगी ज्योति ज्याल, नेहा बिष्ट, कल्पना जोशी, तारा मिश्रा, कमला ज्याल, प्रभा ज्याल, मुन्नी नेगी, लीला भंडारी, जानकी ज्याल के अलावा एनबी जोशी, महेश जोशी, हेम जोशी, जनार्दन नेगी, किशोर नेगी आदि शामिल थे। पहले दिन कथावाचक पं. उप्रेती ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग से ही वाल्मीकि महान बने। आयोजक निर्मला ज्याल ने बताया कि कथा 22 नवंबर तक चलेगी। पंचमी पर नियमित प्रात: पूजन एवं मूल पाठ तथा नवमी के दिन कथा, पूजा, गोदान, कन्या पूजा, पुस्तक पूजा, व्यास पूजा, महाआरती, रक्षा आशीर्वाद के साथ ही क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि एवं मानव कल्याण के लिए हवन कर भंडारा आयोजित होगा।
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