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मां पूर्णागिरि धाम वाहन पार्किंग में हुआ खेल!
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:49 PM IST
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चंपावत। तीन मार्च से चल रहे मां पूर्णांगिरि धाम के मेले में वाहनों को पार्क करने की बोली पिछले साल की अपेक्षा इस बार अधिक रुपये में उठी है। इसके बावजूद भी जिला पंचायत को वाहन पार्किंग से पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल कम राशि मिलेगी। बोली निपटने के कुछ दिनों बाद दो शीर्ष बोलीदाताओं द्वारा कदम पीछे खींचने से यह स्थिति आई है। इसके चलते जिला पंचायत को वाहन पार्किंग से 90 लाख के बजाय महज 60.50 लाख रुपये ही मिलेंगे।
जिला पंचायत द्वारा संचालित मां पूर्णांगिरि धाम के मेले की सरकारी अवधि में तीर्थयात्रियों के वाहनों को पार्क करने के लिए फरवरी में हुई खुली बोली 90.01 लाख रुपये में टनकपुर निवासी प्रहलाद सिंह के नाम पर उठी। इसके बाद दूसरे नंबर पर 90 लाख की बोली लगाने वाले टनकपुर निवासी दीप चंद्र पाठक थे। मेला मजिस्ट्रेट ने पहले बोलीदाता को इस रकम का 50 प्रतिशत जमा करने के आदेश दिए, मगर ये रकम जमा नहीं हुई। दूसरे बोलीदाता ने भी धन जमा नहीं कराया। इसके बाद 60.50 लाख रुपये की बोली के साथ तीसरे नंबर पर रहे बोलीदाता आनंद सिंह को इस रकम का 50 प्रतिशत जमा करने का मौका दिया गया। उन्होंने इस रकम को जमा कर दिया। जबकि बकाया रकम को मेले की अवधि समाप्त होने की तिथि तक जमा कराना होगा।
प्रथम दो बोलीदाता द्वारा कदम पीछे खींचने से जिला पंचायत 29.51 लाख रुपये का झटका लग गया है। बोली के हिसाब से पंचायत को 90.01 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन दो बोलीदाताओं द्वारा पीछे हटने से उसे सिर्फ 60.50 लाख रुपये मिलेंगे। हालांकि दो बोलीदाताओं की जमानत जब्त होने से जिला पंचायत को 10 लाख रुपये और मिलेंगे। तब जिला पंचायत नुकसान घटकर 19.01 लाख हो जाएगा।
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कोट
मां पूर्णांगिरि धाम मेले में वाहन पार्किंग के लिए दो सबसे बड़े बोलीदाताओं ने बोली के बाद निर्धारित 50 प्रतिशत की रकम तय समय पर जमा नहीं कराई। इसके चलते तीसरे नंबर के बोलीदाता को पार्किंग के लिए अधिकृत किया गया है। जबकि पहले दो बोलीदाताओं की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
अनिल चन्याल, एसडीएम, टनकपुर।
इस बार पार्किंग स्थल भी बदला
मां पूर्णांगिरि धाम मेले में पिछले साल तक ठुलीगाड़ व भैरव मंदिर में वाहन पार्क करने की व्यवस्था थी। पिछले साल पार्किंग के इन दोनों ठेके से 72.14 लाख रुपये की आय हुई। जबकि इस बार ये आय घटकर 60.50 लाख रुपये रह गई। इस बार के मेले के लिए पार्किंग शुल्क वसूली का स्थान भी ठुलीगाड़ से 6 किमी पहले बूम में कर दिया गया है। साथ ही 150 रुपये के निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलने के आरोप भी लग रहे हैं। अब शनिवार को डीएम व एसपी ने आरोपों की जांच के आदेश भी दिए हैं।
जिला पंचायत द्वारा संचालित मां पूर्णांगिरि धाम के मेले की सरकारी अवधि में तीर्थयात्रियों के वाहनों को पार्क करने के लिए फरवरी में हुई खुली बोली 90.01 लाख रुपये में टनकपुर निवासी प्रहलाद सिंह के नाम पर उठी। इसके बाद दूसरे नंबर पर 90 लाख की बोली लगाने वाले टनकपुर निवासी दीप चंद्र पाठक थे। मेला मजिस्ट्रेट ने पहले बोलीदाता को इस रकम का 50 प्रतिशत जमा करने के आदेश दिए, मगर ये रकम जमा नहीं हुई। दूसरे बोलीदाता ने भी धन जमा नहीं कराया। इसके बाद 60.50 लाख रुपये की बोली के साथ तीसरे नंबर पर रहे बोलीदाता आनंद सिंह को इस रकम का 50 प्रतिशत जमा करने का मौका दिया गया। उन्होंने इस रकम को जमा कर दिया। जबकि बकाया रकम को मेले की अवधि समाप्त होने की तिथि तक जमा कराना होगा।
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प्रथम दो बोलीदाता द्वारा कदम पीछे खींचने से जिला पंचायत 29.51 लाख रुपये का झटका लग गया है। बोली के हिसाब से पंचायत को 90.01 लाख रुपये मिलने थे, लेकिन दो बोलीदाताओं द्वारा पीछे हटने से उसे सिर्फ 60.50 लाख रुपये मिलेंगे। हालांकि दो बोलीदाताओं की जमानत जब्त होने से जिला पंचायत को 10 लाख रुपये और मिलेंगे। तब जिला पंचायत नुकसान घटकर 19.01 लाख हो जाएगा।
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मां पूर्णांगिरि धाम मेले में वाहन पार्किंग के लिए दो सबसे बड़े बोलीदाताओं ने बोली के बाद निर्धारित 50 प्रतिशत की रकम तय समय पर जमा नहीं कराई। इसके चलते तीसरे नंबर के बोलीदाता को पार्किंग के लिए अधिकृत किया गया है। जबकि पहले दो बोलीदाताओं की जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
अनिल चन्याल, एसडीएम, टनकपुर।
इस बार पार्किंग स्थल भी बदला
मां पूर्णांगिरि धाम मेले में पिछले साल तक ठुलीगाड़ व भैरव मंदिर में वाहन पार्क करने की व्यवस्था थी। पिछले साल पार्किंग के इन दोनों ठेके से 72.14 लाख रुपये की आय हुई। जबकि इस बार ये आय घटकर 60.50 लाख रुपये रह गई। इस बार के मेले के लिए पार्किंग शुल्क वसूली का स्थान भी ठुलीगाड़ से 6 किमी पहले बूम में कर दिया गया है। साथ ही 150 रुपये के निर्धारित शुल्क से अधिक वसूलने के आरोप भी लग रहे हैं। अब शनिवार को डीएम व एसपी ने आरोपों की जांच के आदेश भी दिए हैं।