{"_id":"5a3a9eac4f1c1b95188bb035","slug":"91513791148-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीत अवकाश में भी होगी छात्रों की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीत अवकाश में भी होगी छात्रों की पढ़ाई
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। इस बार जाड़ों की छुट्टी में पहाड़ों में हाईस्कूल व इंटर कॉलेज बंद नहीं होंगे। अतिथि शिक्षकों के जरिए नौंवी से इंटर तक की पढ़ाई जारी रहेगी। मुख्य शिक्षाधिकारी (सीईओ) आरसी पुरोहित ने इस संबंध में अतिथि शिक्षकों को निर्देश जारी किए हैं।
जिले के पर्वतीय अंचल में 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक शीत अवकाश होगा। लेकिन ये अवकाश केवल नियमित शिक्षकों को ही मिलेगा। अतिथि शिक्षकों को इस अवधि में प्रत्येक कार्यदिवस को स्कूल में छात्रों को पढ़ाना होगा। सीईओ पुरोहित का कहना है कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए निदेशालय ने ये निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि इससे छात्रों खासकर बोर्ड परीक्षार्थियों को लाभ होगा। जिले में 112 एलटी शिक्षक व 150 प्रवक्ता तैनात हैं। आदेश का पालन नहीं करने वाले अतिथि शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की भी चेतावनी दी गई है।
मानदेय तो मिला नहीं, अतिरिक्त ड्यूटी दी जा रही
चंपावत। अतिथि शिक्षक संघ ने शीत अवकाश में भी अतिथि शिक्षकों को स्कूल भेजे जाने की अनिवार्यता पर नाराजगी जताई है। ब्लाक अध्यक्ष नवीन चंद्र पुनेठा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन शिक्षकों ने कहा कि उन्हें मार्च के अलावा अगस्त से नवंबर तक कुल मिलाकर पांच महीने का मानदेय अभी तक नहीं मिला है। नियमित रूप से मानदेय नहीं मिलने के साथ ही कई तरह की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है। जीवन लाल, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, प्रदीप नाथ, गौरव वर्मा आदि का कहना है कि कई स्कूल इक्का-दुक्का अतिथि शिक्षकों के सहारे संचालित हैं। ऐसे में विद्यालय का कारगर संचालन कठिन होगा।
जिले के पर्वतीय अंचल में 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक शीत अवकाश होगा। लेकिन ये अवकाश केवल नियमित शिक्षकों को ही मिलेगा। अतिथि शिक्षकों को इस अवधि में प्रत्येक कार्यदिवस को स्कूल में छात्रों को पढ़ाना होगा। सीईओ पुरोहित का कहना है कि छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए निदेशालय ने ये निर्देश जारी किए हैं। उनका कहना है कि इससे छात्रों खासकर बोर्ड परीक्षार्थियों को लाभ होगा। जिले में 112 एलटी शिक्षक व 150 प्रवक्ता तैनात हैं। आदेश का पालन नहीं करने वाले अतिथि शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की भी चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
मानदेय तो मिला नहीं, अतिरिक्त ड्यूटी दी जा रही
चंपावत। अतिथि शिक्षक संघ ने शीत अवकाश में भी अतिथि शिक्षकों को स्कूल भेजे जाने की अनिवार्यता पर नाराजगी जताई है। ब्लाक अध्यक्ष नवीन चंद्र पुनेठा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन शिक्षकों ने कहा कि उन्हें मार्च के अलावा अगस्त से नवंबर तक कुल मिलाकर पांच महीने का मानदेय अभी तक नहीं मिला है। नियमित रूप से मानदेय नहीं मिलने के साथ ही कई तरह की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है। जीवन लाल, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, प्रदीप नाथ, गौरव वर्मा आदि का कहना है कि कई स्कूल इक्का-दुक्का अतिथि शिक्षकों के सहारे संचालित हैं। ऐसे में विद्यालय का कारगर संचालन कठिन होगा।
विज्ञापन