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दो पूर्व फौजियों को संविदा सेवा से हटाया
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:20 PM IST
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चंपावत। दो पूर्व सैनिकों ने स्वजल परियोजना में एक दशक से अधिक समय तक सेवा की, लेकिन इन दोनों कर्मियों को एक झटके में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सेवा से हटाने के आदेश स्वजल परियोजना के उत्तराखंड के निदेशक ने दिए हैं। कहा कि इन दो कर्मियों का अनुबंध खत्म करने का निर्णय लिया गया है। नौकरी से हटाए गए कर्मियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात कर दुबारा नौकरी में रखे जाने की गुहार लगाई है।
स्वजल परियोजना की चंपावत इकाई में 2006 से पूर्व सैनिक दिलीप सिंह बिष्ट और घनश्याम जोशी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। अब इन दोनों कर्मियों के अनुबंध को खत्म कर उन्हें सेवा से हटा दिया गया है। दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूरे प्रदेश की 13 स्वजल परियोजना इकाई में उपनल के माध्यम से 2006 में 58 पूर्व सैनिकों को तैनात किया गया था। इस साल फरवरी में सभी की सेवा समाप्त कर दी गई थी। बाद में निकाले गए 58 कार्मिकों में से 45 की सेवा बहाल कर दी गई। पर चंपावत जिले के दो कर्मियों सहित प्रदेश के 13 कर्मियों को दुबारा बहाल नहीं किया गया।
दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि विभाग में उन्होंने अच्छा काम किया। उन्हें बगैर किसी कारण के नौकरी से निकालना उनके साथ नाइंसाफी है। सेना की मामूली पेंशन से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का गुजारा करना कठिन हो रहा है। मंत्री अजय टम्टा ने मामले पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।
स्वजल परियोजना की चंपावत इकाई में 2006 से पूर्व सैनिक दिलीप सिंह बिष्ट और घनश्याम जोशी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। अब इन दोनों कर्मियों के अनुबंध को खत्म कर उन्हें सेवा से हटा दिया गया है। दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि पूरे प्रदेश की 13 स्वजल परियोजना इकाई में उपनल के माध्यम से 2006 में 58 पूर्व सैनिकों को तैनात किया गया था। इस साल फरवरी में सभी की सेवा समाप्त कर दी गई थी। बाद में निकाले गए 58 कार्मिकों में से 45 की सेवा बहाल कर दी गई। पर चंपावत जिले के दो कर्मियों सहित प्रदेश के 13 कर्मियों को दुबारा बहाल नहीं किया गया।
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दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि विभाग में उन्होंने अच्छा काम किया। उन्हें बगैर किसी कारण के नौकरी से निकालना उनके साथ नाइंसाफी है। सेना की मामूली पेंशन से बच्चों की पढ़ाई और परिवार का गुजारा करना कठिन हो रहा है। मंत्री अजय टम्टा ने मामले पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।
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