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Champawat News: फायर सीजन में 70 घटनाओं में 73.54 हेक्टेयर जंगल जला
Wed, 12 Jun 2024 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 12 Jun 2024 10:46 PM IST
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चंपावत में बस्टिया गूंठ के जंगल में लगी आग। संवाद
चंपावत। दो दिन बाद 15 जून को फायर सीजन समाप्त हो जाएगा। जिले में इस बार फायर सीजन में वनों में आग लगने की 70 से घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में 73.54 हेक्टेयर जंगल जने। इसमें लाखों रुपये मूल्य की वन संपदा के साथ ही वन्य जंतुओं का नुकसान हुआ। जिले में अभी भी वनों में आग लगने की घटनाएं थम नहीं रही हैं।
चंपावत डिवीजन में 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में इस बार वनाग्नि की कम घटनाएं हुई। आरक्षित जंगलों में 42 और सिविल वन क्षेत्र में 28 घटनाएं हुई। वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए 54 क्रू स्टेशनों पर 216 फायर वाचर तैनात किए गए थे। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल ने बताया कि फायर सीजन में के दौरान विभागीय, अस्थायी कर्मियों के साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण पाया गया। संवाद
इनसेट
2019 आग की 111 आग की घटनाएं हुई थीं
चंपावत। चंपावत प्रभाग में बीते 10 सालों में सबसे अधिक आग लगने की घटनाएं 2019 में देखने को मिलीं। 2019 में वनों में 111 आग लगने की घटनाएं हुई थी। सबसे कम 2014 में एकमात्र आग की घटना सामने आई थी। संवाद
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इनसेट
अग्निशमन कर्मियों को भी वनाग्नि से जूझना पड़ा
चंपावत। अग्निशमन कर्मियों को भी वनाग्नि से निपटने के लिए जूझना पड़ा। आम तौर पर वनों की आग पर वन विभाग की नियंत्रण करता है। इस बार कई स्थानों पर अग्निशमन कर्मियों को भी आग बुझाने में जुटना पड़ा। संवाद
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चंपावत डिवीजन में 15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में इस बार वनाग्नि की कम घटनाएं हुई। आरक्षित जंगलों में 42 और सिविल वन क्षेत्र में 28 घटनाएं हुई। वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए 54 क्रू स्टेशनों पर 216 फायर वाचर तैनात किए गए थे। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से जंगलों में आग लगने का सिलसिला जारी है। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल ने बताया कि फायर सीजन में के दौरान विभागीय, अस्थायी कर्मियों के साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण पाया गया। संवाद
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2019 आग की 111 आग की घटनाएं हुई थीं
चंपावत। चंपावत प्रभाग में बीते 10 सालों में सबसे अधिक आग लगने की घटनाएं 2019 में देखने को मिलीं। 2019 में वनों में 111 आग लगने की घटनाएं हुई थी। सबसे कम 2014 में एकमात्र आग की घटना सामने आई थी। संवाद
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अग्निशमन कर्मियों को भी वनाग्नि से जूझना पड़ा
चंपावत। अग्निशमन कर्मियों को भी वनाग्नि से निपटने के लिए जूझना पड़ा। आम तौर पर वनों की आग पर वन विभाग की नियंत्रण करता है। इस बार कई स्थानों पर अग्निशमन कर्मियों को भी आग बुझाने में जुटना पड़ा। संवाद