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श्री लधौनधूरा मेले की तैयारियां जोरों पर
Updated Thu, 26 Oct 2017 11:18 PM IST
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चंपावत। जिले के बैजनाथ में श्री लधौनधूरा मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। बिरगुल के लधौनधूरा शिव मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर तीन नवंबर को मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले का शुभारंभ विधायक कैलाश गहतोड़ी सायं छह बजे शिव पूजन के साथ करेंगे।
मेला समिति अध्यक्ष कैलाश सिंह महराना, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, बीरू बिष्ट, बंटी महराना आदि ने बताया कि यह मेला बिरगुल, गोली, चौड़ाख्याली, सीम, बुंगाख्याली, जाजर, उफेड़ा ख्याली, महर पिनाना, खरही, तलाड़ी, भिंगराड़ा, वैला, दयोकूड़ा, पचनई, ईजर, तल्ली खटोली, मल्ली खटोली, नंदोला, बुढ़ाखेत, रीठासाहिब, ओखलढूंगा, मिरतोला, पाली, घुरचुम आदि ग्राम पंचायतों के लोगों की पौराणिक धरोहर है। यह मेला चंपावत में चंद राजाओं के शासनकाल के समय से प्रतिवर्ष लगता आ रहा है।
मेले में आज भी संतान प्राप्ति के लिए वर मांगने की परंपरा है, जो महिलाएं सच्चे मन से शिव मंदिर में आती हैं उन्हें संतान की प्राप्ति होती है।
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मेला समिति अध्यक्ष कैलाश सिंह महराना, उपाध्यक्ष दीपक जोशी, बीरू बिष्ट, बंटी महराना आदि ने बताया कि यह मेला बिरगुल, गोली, चौड़ाख्याली, सीम, बुंगाख्याली, जाजर, उफेड़ा ख्याली, महर पिनाना, खरही, तलाड़ी, भिंगराड़ा, वैला, दयोकूड़ा, पचनई, ईजर, तल्ली खटोली, मल्ली खटोली, नंदोला, बुढ़ाखेत, रीठासाहिब, ओखलढूंगा, मिरतोला, पाली, घुरचुम आदि ग्राम पंचायतों के लोगों की पौराणिक धरोहर है। यह मेला चंपावत में चंद राजाओं के शासनकाल के समय से प्रतिवर्ष लगता आ रहा है।
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मेले में आज भी संतान प्राप्ति के लिए वर मांगने की परंपरा है, जो महिलाएं सच्चे मन से शिव मंदिर में आती हैं उन्हें संतान की प्राप्ति होती है।