{"_id":"5c7d5767bdec22144b7ee25b","slug":"71-trees-are-creating-danger","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवाजाही में खतरा बन रहे 71 पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवाजाही में खतरा बन रहे 71 पेड़
Mon, 04 Mar 2019 10:20 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूराे चंपावत
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 04 Mar 2019 10:20 PM IST
विज्ञापन
निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में खतरनाक हो रहे पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की हालत में सुधार नहीं हो पा रहा है। सिन्याड़ी से स्वांला और बापरू से घाट तक के हिस्से में 71 से अधिक पेड़ खतरा बने हैं और जमीन भी दरक रही है।
विज्ञापन
निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर बीते एक साल में 11 हादसों में 40 से ज्यादा मौत हो चुकी है। सिन्याड़ी से स्वांला में 11 और बापरू से घाट के बीच 60 पेड़ खतरे की स्थिति में हैं। कटिंग से कई जगह भूकटाव में भी तेजी है। कपिल सिंह, नवीन राम, दीपक बोरा, कमल पंत सहित कई लोगों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं।
विज्ञापन
कुछ जगहों पर बड़े-बड़े पत्थर भी अटके हैं। ये पेड़ और पत्थर यहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए खतरा बन रहे हैं। लोगों ने इन पेड़ों को जल्द काटकर खतरे से निजात दिलाने की मांग की है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला का कहना है कि काम करा रहे ठेकेदार को कटिंग के बाद रोड किनारे सभी सुरक्षागत कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
बारहमासी मार्ग पर खतरे वाले पेड़ों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त टीम बनाई है। एनएच खंड, वन और राजस्व की टीम जल्द ही पेड़ों का चिह्नीकरण कर इन खतरे वाले पेड़ों को हटाने की कार्यवाही की जाएगी। केएस बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।