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स्मार्ट राशनकार्ड का इंतजार कर रहे 60 फीसदी लोग
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चंपावत। जिले में फिलहाल सभी लोगों के पास स्मार्ट राशनकार्ड नहीं हैं। इन नए कार्डों की योजना शुरू होने के सात माह बाद भी बमुश्किल 40 प्रतिशत के पास ही ये कार्ड हैं। धीमी गति से कार्ड मिलने की वजह से देर होने की बात सामने आ रही है। स्मार्ट राशन कार्ड से जिले के किसी भी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से कोटे का खाद्यान्न लेने की कार्डधारक को सुविधा है।
जिले में कुल 58154 (5801 अंत्योदय, 28774 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और 23579 राज्य खाद्य योजना) राशनकार्ड धारक हैं। जिन्हें जिले की 342 सरकारी सस्ता गल्ले की दुकानों के जरिये अनाज वितरित किया जाता है। अलबत्ता अब कार्डधारकों को स्मार्ट राशन कार्ड दिए जा रहे हैं। पिछले साल दिसंबर से शुरू इस योजना के तहत अब तक 23137 (39.78 प्रतिशत) लोगों को ये कार्ड दिए जा चुके हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अनिल गर्ब्याल का कहना है कि कि जैसे-जैसे कार्ड मिल रहे हैं, उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। स्मार्ट कार्ड के जरिये खाद्यान्न वितरण की खामियों से बचाव के साथ ही कहीं से भी राशन लेने की सुविधा है।
14 माह से मुखिया के बगैर है पूर्ति विभाग
चंपावत। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन के लिए पूर्ति विभाग का तंत्र चंपावत जिले में खासा लचर है। 14 महीने से जिला पूर्ति अधिकारी की कुर्सी खाली है। पिछले साल अप्रैल से यहां का जिम्मा एसडीएम अनिल गर्ब्याल के पास है। इसके अलावा सहायक क्षेत्रीय अधिकारी के तीनों पद भी खाली पड़े हैं। डीएसओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक, स्टैनो, लेखाधिकारी की कुर्सी में भी कोई नहीं है। इसके अलावा कनिष्ठ सहायक के दस में से सात पद भी नहीं भरे जा सके हैं। इससे पीडीएस पर निगरानी रखने में दिक्कत आने के साथ ही कार्यालय के कामकाज को निपटाना भी मुश्किल हो रहा है। (संवाद)
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तीन दिन में पहुंच जाएगा सितंबर तक का राशन
चंपावत। मानसून के मद्देनजर चंपावत जिले को सितंबर तक का खाद्यान्न एक हफ्ते के भीतर मिल जाएगा। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से पिछले महीने कुमाऊं के संभागीय खाद्य नियंत्रक को पत्र भेजा गया है। 15 जून तक जिले को अगस्त और सितंबर का गेहूं और चावल मिल जाएगा। जिले को दो महीने के लिए 8837.719 क्विंटल गेहूं और 12601.17 क्विंटल चावल की जरूरत है। (संवाद)
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जिले में कुल 58154 (5801 अंत्योदय, 28774 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और 23579 राज्य खाद्य योजना) राशनकार्ड धारक हैं। जिन्हें जिले की 342 सरकारी सस्ता गल्ले की दुकानों के जरिये अनाज वितरित किया जाता है। अलबत्ता अब कार्डधारकों को स्मार्ट राशन कार्ड दिए जा रहे हैं। पिछले साल दिसंबर से शुरू इस योजना के तहत अब तक 23137 (39.78 प्रतिशत) लोगों को ये कार्ड दिए जा चुके हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अनिल गर्ब्याल का कहना है कि कि जैसे-जैसे कार्ड मिल रहे हैं, उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। स्मार्ट कार्ड के जरिये खाद्यान्न वितरण की खामियों से बचाव के साथ ही कहीं से भी राशन लेने की सुविधा है।
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14 माह से मुखिया के बगैर है पूर्ति विभाग
चंपावत। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के संचालन के लिए पूर्ति विभाग का तंत्र चंपावत जिले में खासा लचर है। 14 महीने से जिला पूर्ति अधिकारी की कुर्सी खाली है। पिछले साल अप्रैल से यहां का जिम्मा एसडीएम अनिल गर्ब्याल के पास है। इसके अलावा सहायक क्षेत्रीय अधिकारी के तीनों पद भी खाली पड़े हैं। डीएसओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक, स्टैनो, लेखाधिकारी की कुर्सी में भी कोई नहीं है। इसके अलावा कनिष्ठ सहायक के दस में से सात पद भी नहीं भरे जा सके हैं। इससे पीडीएस पर निगरानी रखने में दिक्कत आने के साथ ही कार्यालय के कामकाज को निपटाना भी मुश्किल हो रहा है। (संवाद)
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तीन दिन में पहुंच जाएगा सितंबर तक का राशन
चंपावत। मानसून के मद्देनजर चंपावत जिले को सितंबर तक का खाद्यान्न एक हफ्ते के भीतर मिल जाएगा। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से पिछले महीने कुमाऊं के संभागीय खाद्य नियंत्रक को पत्र भेजा गया है। 15 जून तक जिले को अगस्त और सितंबर का गेहूं और चावल मिल जाएगा। जिले को दो महीने के लिए 8837.719 क्विंटल गेहूं और 12601.17 क्विंटल चावल की जरूरत है। (संवाद)