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लापरवाही:रेफर करने में देरी से नवजात शिशु की मौत!
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चंपावत। चंपावत क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में जन्मे नवजात की हायर सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई। नवजात के परिजनों ने शिशु को हायर सेंटर रेफर करने में देरी को इसका कारण बताया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी का कहना है कि अभी तक उनके पास किसी तरह की शिकायत नहीं आई है।
चंपावत के बाजरीकोट निवासी निर्मला देवी (23) ने सोमवार शाम चंपावत के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से शिशु को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि प्राथमिक जांच में अस्पताल स्टाफ ने मां-बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए अस्पताल में आराम करने की सलाह दी। मंगलवार सुबह जांच को पहुंचे डॉक्टर ने हालत नाजुक होने का हवाला देते हुए शिशु को तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन आनन-फानन में नवजात को खटीमा ले गए। खटीमा से भी डॉक्टरों ने शिशु को हायर सेंटर रेफर कर दिया। पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में पहुंचते ही वेंटिलेटर में रख इलाज शुरू किया गया, मगर कुछ ही मिनटों बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि निजी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं तो उन्होंने शिशु को 16 घंटे तक भर्ती क्यों रखा। उधर निजी अस्पताल के संचालक ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नवजात बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ था। दूसरे दिन उसे अचानक सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसका हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स भी कम हो रहे थे। इस वजह से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।
चंपावत के बाजरीकोट निवासी निर्मला देवी (23) ने सोमवार शाम चंपावत के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से शिशु को जन्म दिया। परिजनों का कहना है कि प्राथमिक जांच में अस्पताल स्टाफ ने मां-बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए अस्पताल में आराम करने की सलाह दी। मंगलवार सुबह जांच को पहुंचे डॉक्टर ने हालत नाजुक होने का हवाला देते हुए शिशु को तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन आनन-फानन में नवजात को खटीमा ले गए। खटीमा से भी डॉक्टरों ने शिशु को हायर सेंटर रेफर कर दिया। पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में पहुंचते ही वेंटिलेटर में रख इलाज शुरू किया गया, मगर कुछ ही मिनटों बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने सवाल उठाया है कि निजी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं तो उन्होंने शिशु को 16 घंटे तक भर्ती क्यों रखा। उधर निजी अस्पताल के संचालक ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नवजात बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ था। दूसरे दिन उसे अचानक सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसका हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स भी कम हो रहे थे। इस वजह से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया।
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