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खुले में शौच जाना जौलाड़ी गांव के 13 परिवारों की मजबूरी
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सुरेंद्र राज लडवाल
पाटी (चंपावत)। पाटी विकासखंड का जौलाड़ी गांव जिले के खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्ति के दावे को चुनौती दे रहा है। जौलाड़ी गांव में अभी भी 13 ऐसे परिवार हैं जो शौचालय के अभाव में जंगल में शौच जाने को मजबूर हैं।
चंपावत जिले को 9 नवंबर 2016 को ओडीएफ घोषित किया गया था। इस तारीख तक जिले में सभी 49209 शौचालय बनाए जा चुके थे। इसके बावजूद जिले के गांव-दर गांव लोगों की लंबी फेहरिस्त आ रही है, जहां लोग शौचालयों के बगैर हैं।
जौलाड़ी गांव में कुल 150 परिवारों में से 138 के पास ही शौचालय हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य चतुर सिंह मेहता का कहना है कि गांव के 13 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर माली हालात की वजह से वे बगैर मदद के शौचालय बनाने की स्थिति में नहीं हैं। ग्राम प्रधान रामी राम का कहना है कि गांव के इन परिवारों के लिए शौचालय के प्रस्ताव स्वजल को भेजे गए हैं।
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जौलाड़ी गांव के इन 13 परिवारों के पास नहीं हैं शौचालय
विमला देवी, इंद्र सिंह, आनंद राम, प्रेम सिंह, गंगा देवी, दर्शन लाल, पंकज लाल, कमला देवी, जानकी देवी, दीपा, राजेंद्र राम, भुवन लाल और रुकमणि देवी।
2011 के सर्वे के हिसाब से जौलाड़ी गांव में सभी परिवारों के शौचालय बनाए जा चुके हैं। छूटे परिवार गांव में बाद में बसे अथवा परिवार से अलग हुए हो सकते हैं। ऐसे परिवारों के लिए शौचालय के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हरगोविंद भट्ट, परियोजना निदेशक, डीआरडीए।
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पाटी (चंपावत)। पाटी विकासखंड का जौलाड़ी गांव जिले के खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्ति के दावे को चुनौती दे रहा है। जौलाड़ी गांव में अभी भी 13 ऐसे परिवार हैं जो शौचालय के अभाव में जंगल में शौच जाने को मजबूर हैं।
चंपावत जिले को 9 नवंबर 2016 को ओडीएफ घोषित किया गया था। इस तारीख तक जिले में सभी 49209 शौचालय बनाए जा चुके थे। इसके बावजूद जिले के गांव-दर गांव लोगों की लंबी फेहरिस्त आ रही है, जहां लोग शौचालयों के बगैर हैं।
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जौलाड़ी गांव में कुल 150 परिवारों में से 138 के पास ही शौचालय हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य चतुर सिंह मेहता का कहना है कि गांव के 13 परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर माली हालात की वजह से वे बगैर मदद के शौचालय बनाने की स्थिति में नहीं हैं। ग्राम प्रधान रामी राम का कहना है कि गांव के इन परिवारों के लिए शौचालय के प्रस्ताव स्वजल को भेजे गए हैं।
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जौलाड़ी गांव के इन 13 परिवारों के पास नहीं हैं शौचालय
विमला देवी, इंद्र सिंह, आनंद राम, प्रेम सिंह, गंगा देवी, दर्शन लाल, पंकज लाल, कमला देवी, जानकी देवी, दीपा, राजेंद्र राम, भुवन लाल और रुकमणि देवी।
2011 के सर्वे के हिसाब से जौलाड़ी गांव में सभी परिवारों के शौचालय बनाए जा चुके हैं। छूटे परिवार गांव में बाद में बसे अथवा परिवार से अलग हुए हो सकते हैं। ऐसे परिवारों के लिए शौचालय के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
हरगोविंद भट्ट, परियोजना निदेशक, डीआरडीए।