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पहाड़ के छात्रों को अतिथि शिक्षकों का लाभ सिर्फ दो हफ्ते
Updated Fri, 23 Nov 2018 10:39 PM IST
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चंपावत। मौजूदा शिक्षा सत्र का आधे से अधिक वक्त बीत चुका है, लेकिन जिले के ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों के 30 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं। शासन ने बृहस्पतिवार को अतिथि शिक्षकों की तैनाती के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इन आदेशों के लागू होने पर जिले में 221 अतिथि शिक्षकों की तैनाती होगी। लेकिन इन अतिथि शिक्षकों का जिले के पर्वतीय हिस्से के छात्र-छात्राओं को बमुश्किल दो हफ्ते ही लाभ मिल सकेगा।
चंपावत जिले में 46 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और 59 जीआईसी तथा जीजीआईसी हैं। शिक्षा सत्र 2018-19 में जिले में 105 कॉलेजों में 30 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। चंपावत जीआईसी और जीजीआईसी में ही 9 प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। वैसे जिले में प्रवक्ताओं के 469 पदों में से 240 रिक्त हैं। इन तमाम प्रवक्ताओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा,लेकिन तैनाती प्रक्रिया में कम से कम दो सप्ताह लगेगा। सूत्र बताते हैं कि ये अतिथि शिक्षक दस दिसंबर से पूर्व स्कूलों में तैनात नहीं हो सकेंगे। 25 दिसंबर से पहाड़ के स्कूलों में शीत अवकाश पड़ जाएगा। इस तरह से ये शिक्षक बमुश्किल दो सप्ताह ही छात्रों को पढ़ा सकेंगे।
इधर अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया देर से शुरू होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई। संगठन ने इस प्रक्रिया को शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही संचालित करने की मांग की है।
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अतिथि शिक्षकों की तैनाती का विभागीय मुख्यालय से अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश आने के बाद अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।
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चंपावत जिले में 46 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और 59 जीआईसी तथा जीजीआईसी हैं। शिक्षा सत्र 2018-19 में जिले में 105 कॉलेजों में 30 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। चंपावत जीआईसी और जीजीआईसी में ही 9 प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। वैसे जिले में प्रवक्ताओं के 469 पदों में से 240 रिक्त हैं। इन तमाम प्रवक्ताओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा,लेकिन तैनाती प्रक्रिया में कम से कम दो सप्ताह लगेगा। सूत्र बताते हैं कि ये अतिथि शिक्षक दस दिसंबर से पूर्व स्कूलों में तैनात नहीं हो सकेंगे। 25 दिसंबर से पहाड़ के स्कूलों में शीत अवकाश पड़ जाएगा। इस तरह से ये शिक्षक बमुश्किल दो सप्ताह ही छात्रों को पढ़ा सकेंगे।
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इधर अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया देर से शुरू होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई। संगठन ने इस प्रक्रिया को शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही संचालित करने की मांग की है।
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अतिथि शिक्षकों की तैनाती का विभागीय मुख्यालय से अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश आने के बाद अतिथि शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।