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बलांई के जंगल में आग से वन संपदा को नुकसान
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:10 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। शीतकाल में ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। आग लगने से जंगलों में पेड़ों, जड़ीबूटियों को खासा नुकसान पहुंच रहा है।
शनिवार को दिन में करीब 3 बजे लोहाघाट-चंपावत के बीच नानबोरी पुल के पास बलांई के जंगल में आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा जल गई। वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयास कर आग पर काबू पाया गया।
वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी ने बताया कि झूमाधुरी के जंगल में नियंत्रित फुकान (कंट्रोल बर्निंग) चल रहा है। जिसके तहत जंगल में गिरे पिरुल और घास में वन कर्मियों की निगरानी में आग लगाई जा रही है। ताकि फायर सीजन के दौरान जंगल दावाग्नि की चपेट में न आ सकें। वन क्षेत्राधिकारी जोशी ने बताया कि बलांई के जंगल में आग लगने की जानकारी मिलने के बाद वन कर्मियों को आग बुझाने के लिए जंगल भेजा गया। विभागीय कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पा लिया है।
शनिवार को दिन में करीब 3 बजे लोहाघाट-चंपावत के बीच नानबोरी पुल के पास बलांई के जंगल में आग भड़क गई। आग की चपेट में आने से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा जल गई। वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने सामूहिक प्रयास कर आग पर काबू पाया गया।
वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी ने बताया कि झूमाधुरी के जंगल में नियंत्रित फुकान (कंट्रोल बर्निंग) चल रहा है। जिसके तहत जंगल में गिरे पिरुल और घास में वन कर्मियों की निगरानी में आग लगाई जा रही है। ताकि फायर सीजन के दौरान जंगल दावाग्नि की चपेट में न आ सकें। वन क्षेत्राधिकारी जोशी ने बताया कि बलांई के जंगल में आग लगने की जानकारी मिलने के बाद वन कर्मियों को आग बुझाने के लिए जंगल भेजा गया। विभागीय कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पा लिया है।
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