{"_id":"5bfad1cbbdec22415e42cb5a","slug":"41543164363-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाएंगी सफाई कर्मियों की समस्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाएंगी सफाई कर्मियों की समस्याएं
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोहाघाट (चंपावत)। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की बैठक में सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस मौके पर लोहाघाट इकाई का गठन किया गया।
वाल्मीकि समाज के सरपंच और संघ के जिला उपाध्यक्ष हरचरन के आवास में हुई बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह ने कहा कि संघ की तरफ से पूरे प्रदेश में बैठकें आयोजित कर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को एकत्र किया जा रहा है। इनके समाधान के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि 2019 में होने लोकसभा चुनावों से पूर्व संघ सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाई जाएगी। मसीह ने उत्तराखंड में बनी स्वच्छता समितियों को खत्म किए जाने, सभी नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों, नगर निगमों में मानकों के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की स्थायी तौर पर नियुक्ति किए जाने, वाल्मीकि समाज के लोगों के लिए सरकारी आवासों की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई।
विज्ञापन
उन्होंने पूर्व सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों को पर्यावरण मित्रों का नाम देने पर गहरी नाराजगी जताई। इस मौके पर संस्थापक बांकेलाल बिहारी, राजेश चौहान आदि ने भी विचार रखे। बैठक में सतीश कुमार, मनीष, संजय, सौरभ, दिलीप, महेश लाल, सुखराम, नन्हे लाल, अजय कुमार, दीपक, मोनू, पप्पू आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
वाल्मीकि समाज के सरपंच और संघ के जिला उपाध्यक्ष हरचरन के आवास में हुई बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह ने कहा कि संघ की तरफ से पूरे प्रदेश में बैठकें आयोजित कर सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को एकत्र किया जा रहा है। इनके समाधान के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 2019 में होने लोकसभा चुनावों से पूर्व संघ सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाई जाएगी। मसीह ने उत्तराखंड में बनी स्वच्छता समितियों को खत्म किए जाने, सभी नगरपालिकाओं, नगर पंचायतों, नगर निगमों में मानकों के अनुरूप सफाई कर्मचारियों की स्थायी तौर पर नियुक्ति किए जाने, वाल्मीकि समाज के लोगों के लिए सरकारी आवासों की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई।
विज्ञापन
उन्होंने पूर्व सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों को पर्यावरण मित्रों का नाम देने पर गहरी नाराजगी जताई। इस मौके पर संस्थापक बांकेलाल बिहारी, राजेश चौहान आदि ने भी विचार रखे। बैठक में सतीश कुमार, मनीष, संजय, सौरभ, दिलीप, महेश लाल, सुखराम, नन्हे लाल, अजय कुमार, दीपक, मोनू, पप्पू आदि मौजूद थे।