{"_id":"5b1c153e4f1c1bb26e8b7225","slug":"41528567102-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस्तिया और आमबाग में फिर आया हाथी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस्तिया और आमबाग में फिर आया हाथी
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टनकपुर (चंपावत)। कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर बस्तिया एवं आमबाग गांव में हाथी की दस्तक ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। शुक्रवार रात हाथी ने जहां बस्तिया में ग्रामीणों के फलदार पेड़ों और फसलों को नुकसान पहुंचाया, वहीं आमबाग में हाथी जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद के घर के पास तक पहुंचा। इन दिनों खाली खेत होने से हालांकि हाथी ने आमबाग में कोई नुकसान नहीं किया, लेकिन हाथी के आने से ग्रामीणों में भय पैदा हो गया है।
बस्तिया के समाजसेवी हरीश लापड़ ने बताया कि शुक्रवार रात हाथी गांव में घुसा और उनके केले के पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही पशुओं के लिए लगाई चरी कुचल कर नष्ट कर दी। इसके बाद गंगा दत्त जोशी एवं नारायण दत्त जोशी के खेतों में लगी मक्के की फसल, केले के पेड़, चरी को क्षति पहुंचाई।
उन्होंने बताया कि रात में ही वन बीट अधिकारी निर्मल खुल्वे को हाथी के गांव में घुसने की सूचना दी, लेकिन वन विभाग को कोई नुमाइंदा नहीं आया। इधर, शनिवार तड़के एक हाथी जंगल से आमबाग गांव तक पहुंचा। ग्रामीण सुरेश चंद ने बताया कि हाथी उनके गेट एवं जिपं सदस्य उर्मिला चंद के घर के पास तक पहुंचा और फिर खेत-खेत ही जंगल की तरफ चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्तिया के समाजसेवी हरीश लापड़ ने बताया कि शुक्रवार रात हाथी गांव में घुसा और उनके केले के पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही पशुओं के लिए लगाई चरी कुचल कर नष्ट कर दी। इसके बाद गंगा दत्त जोशी एवं नारायण दत्त जोशी के खेतों में लगी मक्के की फसल, केले के पेड़, चरी को क्षति पहुंचाई।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि रात में ही वन बीट अधिकारी निर्मल खुल्वे को हाथी के गांव में घुसने की सूचना दी, लेकिन वन विभाग को कोई नुमाइंदा नहीं आया। इधर, शनिवार तड़के एक हाथी जंगल से आमबाग गांव तक पहुंचा। ग्रामीण सुरेश चंद ने बताया कि हाथी उनके गेट एवं जिपं सदस्य उर्मिला चंद के घर के पास तक पहुंचा और फिर खेत-खेत ही जंगल की तरफ चला गया।
विज्ञापन