फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   मलबे से वन संपदा को पहुंच रहा नुकसान

मलबे से वन संपदा को पहुंच रहा नुकसान

Thu, 15 Feb 2018 11:33 PM IST
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:33 PM IST
विज्ञापन
मलबे से वन संपदा को पहुंच रहा नुकसान

विज्ञापन

चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच चल रहे बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान खाई में मलबा डाले जाने से बस्टिया गूंठ और मझेड़ा ग्राम पंचायत की वन संपदा को काफी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वांला से बनलेख के बीच रोड कटिंग की मिट्टी डंपिंग जोन में न डालते हुए सीधे खाई में डाला जा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम समेत कई अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर वन संपदा को हो रहे नुकसान पर रोक लगाने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले बरसात में ग्राम मझेड़ा को सड़क के किनारे फेंका गया मलबा भूस्खलन का कारण बन सकता है। इसके अलावा बस्टिया गूंठ को मझेड़ा से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी मलबे से दब चुका है। मनरेगा के तहत बमकुड़ियाधार से चवोआ तोक तक जाने वाला सीसी मार्ग, विधायक निधि से बनाया गया मझेड़ा-बस्टियागूंठ खडंजा, राज्य वित्त मद से निर्मित कैलाश होटल से बरमखोला मार्ग भी मलबे के कारण बंद हो गए हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा जिला योजना में निर्मित सीम पेयजल योजना और हरियाली योजना के तहत निर्मित दो पेयजल टैंक रोड कटिंग के मलबे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान नारायण दत्त, सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गादत्त भट्ट, ईश्वरी दत्त भट्ट, नारायण भट्ट, घनश्याम, भैरव दत्त, प्रकाश चंद्र, सुरेश चंद्र, बची राम, गणेश दत्त, बंशीधर सहित तमाम ग्रामीण शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


छोटे छोटे स्कूली बच्चों को हो रही हैं परेशानियां
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे ने छोटे छोटे स्कूली बच्चों की राह भी रोक ली है। बस्टियागूंठ से अध्ययन के लिए जीआईसी धौन आने वाले 54 बच्चों को रास्ते में मलबे के कारण स्कूल पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में अभिभावकों की ओर से कई बाद कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गादत्त भट्ट का कहना है कि इससे पूर्व अभिभावकों ने स्वयं के खर्चे से मजदूर लगाकर स्कूली रास्ते से मलबा हटाया था। अब फिर पहले जैसी स्थिति हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed