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शारदा बैराज से हटा रेडअलर्ट
Updated Sun, 15 Oct 2017 10:20 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी और बैराज पर चार माह से चला आ रहा रेडअलर्ट समाप्त हो गया है। आठ माह से शारदा नदी तट पर आने जाने में लगी रोक सोमवार से हट जाएगी। रेडअलर्ट हटने से नदी तट पर सब्जी उगाने वालों व छान मजदूरों को राहत मिल जाएगी।
अंग्रेजी शासनकाल से ही मानसून काल में 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा बैराज पर रेडअलर्ट जारी किया जाता है। इस बीच आमजन को नदी तट और नदी में जाने की मनाही रहती है। नदी तट पर छान लागने वाले मजदूरों, पालेज (सब्जी उगाने वाले) वालों को भी नदी किनारे से सुरक्षित स्थानों में भेज दिया जाता है।
रेडअलर्ट के दौरान यूपी सिंचाई विभाग का बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स द्वारा उत्तराखंड और यूपी प्रशासन को नदी के जलस्तर की हर घंटे की रिपोर्ट भेजी जाती है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि शारदा नदी का जलस्तर 1 लाख क्यूसेक से अधिक होने पर सुरक्षा के लिए बैराज पर वाहनों, रिक्शा-तांगों के संचालन पर रोक लगा दी जाती है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा नदी के जलस्तर पर विभाग के विशेषज्ञों की नजर रहती है। बरसात में नदी का जलस्तर काफी अधिक बढ़ जाता है।
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कम होने लगा है शारदा नदी का जलस्तर
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी का जल स्तर तेजी से घटने लगा है। रविवार को शारदा नदी का जलस्तर 14237 क्यूसेक रहा। जबकि इस वर्ष 10 अगस्त को नदी का जलस्तर सर्वाधिक 282101 क्यूसेक पहुंच गया था। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के बीच नदी का जलस्तर सबसे कम करीब तीन से साढ़े तीन हजार क्यूसेक के बीच रहता है।
अंग्रेजी शासनकाल से ही मानसून काल में 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा बैराज पर रेडअलर्ट जारी किया जाता है। इस बीच आमजन को नदी तट और नदी में जाने की मनाही रहती है। नदी तट पर छान लागने वाले मजदूरों, पालेज (सब्जी उगाने वाले) वालों को भी नदी किनारे से सुरक्षित स्थानों में भेज दिया जाता है।
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रेडअलर्ट के दौरान यूपी सिंचाई विभाग का बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स द्वारा उत्तराखंड और यूपी प्रशासन को नदी के जलस्तर की हर घंटे की रिपोर्ट भेजी जाती है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि शारदा नदी का जलस्तर 1 लाख क्यूसेक से अधिक होने पर सुरक्षा के लिए बैराज पर वाहनों, रिक्शा-तांगों के संचालन पर रोक लगा दी जाती है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा नदी के जलस्तर पर विभाग के विशेषज्ञों की नजर रहती है। बरसात में नदी का जलस्तर काफी अधिक बढ़ जाता है।
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कम होने लगा है शारदा नदी का जलस्तर
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी का जल स्तर तेजी से घटने लगा है। रविवार को शारदा नदी का जलस्तर 14237 क्यूसेक रहा। जबकि इस वर्ष 10 अगस्त को नदी का जलस्तर सर्वाधिक 282101 क्यूसेक पहुंच गया था। बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के बीच नदी का जलस्तर सबसे कम करीब तीन से साढ़े तीन हजार क्यूसेक के बीच रहता है।