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बुरे हाल:एक हफ्ता हो गया एक गड्ढा नहीं पाट सके

Tue, 05 Sep 2017 10:52 PM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:52 PM IST
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बुरे हाल:एक हफ्ता हो गया एक गड्ढा नहीं पाट सके
चंपावत। यहां टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में खतरनाक बने गड्ढे तक को पाटा नहीं जा सका है। इस बड़े गड्ढे से संकरी हुई सड़क पर हादसे का खतरा है। गड्ढा पाटने की मांग को राष्ट्रीय राजमार्ग खंड भी अनसुना करता रहा है।
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एनएच में चंपावत से करीब तीन किमी की दूरी पर रोड में कलमठ पर बना बड़ा गड्ढा आम आवाजाही के अलावा स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। गड्ढे वाली जगह के करीब पीजी कॉलेज सहित तीन स्कूल हैं। लगातार आवाजाही और गड्ढे की वजह से जगह कम होने से खतरा बढ़ रहा है। सड़क के इस हिस्से के नीचे छीड़ापानी फेज टू पेयजल योजना, डेयरी की पेयजल योजना, गांव की पेयजल योजना भी बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि गड्ढे को तुरंत न भरने पर आवाजाही समेत पेयजल योजना पर भी खतरा हो सकता है। ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के इंजीनियरों से गड्ढा पाटने की मांग कर चुके लेकिन समाधान नहीं निकला। ग्रामीण जनार्दन फुलारा, भूपेंद्र नाथ, सुरेश चंद्र फुलारा, सुरेश रावत, भुवन चंद्र फुलारा, दुर्गादत्त जोशी आदि ने जल्द गड्ढा न भरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं एनएच खंड के इंजीनियरों का कहना है कि गड्ढे को जल्द भर दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग में कई जगह गड्ढों की शिकायत मिली है। एनएच खंड को इन सभी खामियों को तत्काल दूर करने को कहा गया है। राकड़ीफुलार गांव वाले क्षेत्र के गड्ढे को तुरंत भरने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
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- मनोज पांडेय
जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी, चंपावत।
राष्ट्रीय राजमार्ग के पास राकड़ीफुलारा में संकरे मार्ग पर गड्ढा खतरा बन रहा
पीजी कॉलेज सहित कई स्कूल भी इस स्थान के नजदीक
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