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सीमांत मंच से बकोड़ा तक स्वीकृत मोटर मार्ग बनाएं हुजूर
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:12 PM IST
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चंपावत। जिले के सीमांत बकोड़ा क्षेत्र को सड़क सुविधा से वंचित रखने से नाराज ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना था कि 15 साल पहले सीमांत मंच से बकोड़ा तक के लिए दस किमी सड़क की मंजूरी मिली थी।
कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का सीमांकन करने के साथ ही पिलर लगाने का कार्य किया था। जिसे देख कर ग्रामीणों में आस जगी थी कि जल्द ही गांव को सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा, लेकिन 15 साल बीतने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। उनका कहना था कि लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्तावित सड़क के निर्माण में वन अधिनियम संबंधी आपत्तियों के निस्तारण के लिए उचित पैरवी नहीं की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों की ओर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम एसएन पांडेय ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट को वन भूमि के प्रकरण का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। डीएम को ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान झामा देवी, सुंदर सिंह, कुंदन सिंह, शेखर सिंह, केशर सिंह, दयाल सिंह, बच्चन सिंह, शेर सिंह, कमल सिंह, कृष्ण सिंह, दीवान सिंह, डिकर सिंह, मनोहर सिंह, चंचल सिंह, हिम्मत सिंह, जगदीश सिंह, गोविंद सिंह, पुष्पा देवी, गौरी देवी, गीता देवी, नाथ सिंह, कलावती देवी, गंगा सिंह आदि शामिल रहे।
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कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क का सीमांकन करने के साथ ही पिलर लगाने का कार्य किया था। जिसे देख कर ग्रामीणों में आस जगी थी कि जल्द ही गांव को सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा, लेकिन 15 साल बीतने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। उनका कहना था कि लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्तावित सड़क के निर्माण में वन अधिनियम संबंधी आपत्तियों के निस्तारण के लिए उचित पैरवी नहीं की जा रही है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो ग्रामीणों की ओर से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम एसएन पांडेय ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट को वन भूमि के प्रकरण का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। डीएम को ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान झामा देवी, सुंदर सिंह, कुंदन सिंह, शेखर सिंह, केशर सिंह, दयाल सिंह, बच्चन सिंह, शेर सिंह, कमल सिंह, कृष्ण सिंह, दीवान सिंह, डिकर सिंह, मनोहर सिंह, चंचल सिंह, हिम्मत सिंह, जगदीश सिंह, गोविंद सिंह, पुष्पा देवी, गौरी देवी, गीता देवी, नाथ सिंह, कलावती देवी, गंगा सिंह आदि शामिल रहे।
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