{"_id":"5b2e8fe04f1c1bf67a8b6dc8","slug":"21529778144-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलिया रोगियों की सेहत में हो रहा है सुधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलिया रोगियों की सेहत में हो रहा है सुधार
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)। नगर के पास सुंई और इसके आसपास के क्षेत्रों में पीलिया रोग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार शिविर आयोजित कर रोगियों का उपचार किया जा रहा है। इस दौरान पीलिया से पीड़ित रोगियों के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार आता जा रहा है।
जीआईसी सुंई और प्रेम नगर पाटन में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में पीलिया का एक भी नया रोगी नहीं पाया गया। पुराने रोगियों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं वितरित की गई। डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि शिविर के दौरान अधिकांश रोगी बुखार, सर्दी जुखाम, हाथ पैरों के दर्द के आए हुए थे। जबकि तीन पीलिया के रोगी आए थे जिनका पहले से ही उपचार चल रहा है। इधर, प्रेमनगर पाटन में आयोजित शिविर में 35 रोगियों का इलाज किया गया। इसमें पीलिया 10 पुराने रोगी आए थे। डॉ. यादव ने बताया कि सुंई क्षेत्र में पीलिया रोग की चपेट में आए लोगों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पीलिया रोग की चपेट में आए लोगों को कम से कम तीन महीने तक खानपान में विशेष परहेज करने की जरूरत है। उन्होंने पीलिया के रोगियों को तला भुनी सब्जियां न खाने और उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।
जीआईसी सुंई और प्रेम नगर पाटन में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में पीलिया का एक भी नया रोगी नहीं पाया गया। पुराने रोगियों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं वितरित की गई। डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि शिविर के दौरान अधिकांश रोगी बुखार, सर्दी जुखाम, हाथ पैरों के दर्द के आए हुए थे। जबकि तीन पीलिया के रोगी आए थे जिनका पहले से ही उपचार चल रहा है। इधर, प्रेमनगर पाटन में आयोजित शिविर में 35 रोगियों का इलाज किया गया। इसमें पीलिया 10 पुराने रोगी आए थे। डॉ. यादव ने बताया कि सुंई क्षेत्र में पीलिया रोग की चपेट में आए लोगों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पीलिया रोग की चपेट में आए लोगों को कम से कम तीन महीने तक खानपान में विशेष परहेज करने की जरूरत है। उन्होंने पीलिया के रोगियों को तला भुनी सब्जियां न खाने और उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।
विज्ञापन