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बीच रास्ते खत्म हुआ रोडवेज बस का ईंधन
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चंपावत। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें फिटनेस की कमी की वजह से रास्ते में खराब हो रही हैं तो कभी ईंधन की कमी बसों को बीच मंझधार में छोड़ रही है। सोमवार को रोडवेज की एक बस का अपनी मंजिल से 13 किलोमीटर पहले ईंधन खत्म हो गया और बस को मजबूरन कई घंटे चंपावत स्टेशन पर खड़ा करना पड़ा। इसके चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में वे दूसरी बस से लोहाघाट को रवाना हुए।
देहरादून से लोहाघाट जा रही रोडवेज की लोहाघाट डिपो की बस (यूके 07/2989) का लोहाघाट से 13 किलोमीटर पहले चंपावत में ईंधन खत्म हो गया। बस में 24 मुसाफिर सवार थे। पहले ड्राइवर को लगा कि तकनीकी खामी आने से बस आगे नहीं बढ़ पा रही है।
काफी मशक्कत के बाद पता चला कि बस का ईंधन ही खत्म हो गया। बस परिचालक ने यात्रियों के बकाया किराये की रकम वापस की। इसके बाद ये यात्री दूसरे वाहनों से आगे गए। रोडवेज के फोरमैन दीपक ज्याला ने बताया कि बस में ईंधन भरने को लेकर गलतफहमी की वजह से ये नौबत आई। दरअसल देहरादून से टनकपुर तक बस को एक ड्राइवर लाता है, जबकि टनकपुर से लोहाघाट दूसरा ड्राइवर। टनकपुर के रोडवेज डिपो में पहाड़ को आने वाले ड्राइवर ने ईंधन नहीं भराया। इस वजह से यात्रियों को यह परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में ड्राइवर ने ईंधन की व्यवस्था कर बस को लोहाघाट डिपो पहुंचाया। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का समय जाया हो गया।
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देहरादून से लोहाघाट जा रही रोडवेज की लोहाघाट डिपो की बस (यूके 07/2989) का लोहाघाट से 13 किलोमीटर पहले चंपावत में ईंधन खत्म हो गया। बस में 24 मुसाफिर सवार थे। पहले ड्राइवर को लगा कि तकनीकी खामी आने से बस आगे नहीं बढ़ पा रही है।
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काफी मशक्कत के बाद पता चला कि बस का ईंधन ही खत्म हो गया। बस परिचालक ने यात्रियों के बकाया किराये की रकम वापस की। इसके बाद ये यात्री दूसरे वाहनों से आगे गए। रोडवेज के फोरमैन दीपक ज्याला ने बताया कि बस में ईंधन भरने को लेकर गलतफहमी की वजह से ये नौबत आई। दरअसल देहरादून से टनकपुर तक बस को एक ड्राइवर लाता है, जबकि टनकपुर से लोहाघाट दूसरा ड्राइवर। टनकपुर के रोडवेज डिपो में पहाड़ को आने वाले ड्राइवर ने ईंधन नहीं भराया। इस वजह से यात्रियों को यह परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में ड्राइवर ने ईंधन की व्यवस्था कर बस को लोहाघाट डिपो पहुंचाया। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का समय जाया हो गया।
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