फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   20 thousand population of Champawat did not get water

Champawat News: चंपावत की 20 हजार आबादी को नहीं मिला पानी

Tue, 28 May 2024 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 28 May 2024 11:13 PM IST
विज्ञापन
20 thousand population of Champawat did not get water
किमतोली में हैंडपंप से पानी भरते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
चंपावत। जिला मुख्यालय में क्वैराला पंपिंग योजना से पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। चिलचिलाती गर्मी में पानी नहीं आने के कारण लोगों के जरूरी काम नहीं हो पाए।
विज्ञापन

बुधवार को नलों में पानी नहीं आने से नगर की 20 हजार की आबादी परेशान रही। रविवार रात हुई बारिश के कारण क्वैराला पंपिंग योजना के स्रोत में लाल पानी आ गया। इससे लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। वहीं पिछले दो दिन से लो वोल्टेज के चलते योजना के दो पंप में से एक ही से पानी पंप हो रहा था। इस कारण नगर के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था। जल संस्थान एक-एक दिन छोड़कर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति कर रहा था।
विज्ञापन

अब स्रोत का पानी दूषित होने के कारण पानी पंप नहीं किया जा सका है। स्रोत की सफाई के बाद भी पानी मटमैला है। ऐसे में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को साफ पानी के लिए पंय्या खोला समेत अन्य पेयजल स्रोतों में जाना पड़ रहा है। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता हेमंत फुलारा ने बताया कि योजना के पेयजल स्रोत में लाल पानी आने के कारण पानी लिफ्ट नहीं किया जा सका। स्रोत की सफाई कर दी गई है। जल्द ही लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूरन कठायत ने नगर की पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी ने किसी समस्या के कारण नगर के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी। संवाद
ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों से हो रही आपूर्ति
चंपावत। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोत सूखने से पानी की किल्लत बनी हुई है। गांव के लिए लोग पेयजल स्रोतों में घंटों लाइन लगाकर पानी भरने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अपने घरेलू काम छोड़कर दिन भर घरों के लिए पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। जल संस्थान टैंकरों और पिकअप के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं।
28 सीपीटी 07 पी - चंपावत में क्वैराला पंपिंग योजना के स्रोत में मटमैला पानी। संवाद
एकमात्र हैंडपंप बुझा रहा किमतोली बाजार के 40 परिवारों की प्यास

ग्रामीणों ने जल संस्थान से टैंकरों के जरिए पेयजल आपूर्ति करने की मांग उठाई
लोहाघाट (चंपावत)। गुमदेश के किमतोली में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बाजार क्षेत्र के 40 परिवार एकमात्र हैंडपंप के भरोसे हैं। ग्रामीण रतजगा कर हैंडपंप से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान से टैंकर के जरिये पानी का वितरण करने की मांग की है।
गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी ने बताया कि किमतोली बाजार में 40 परिवार परिवार रहते हैं। पानी के लिए इनकी निर्भरता मात्र एक हैंडपंप पर है। बताया कि जल संस्थान ने किमतोली बाजार में पांच हैंडपंप लगाए हैं लेकिन चार हैंडपंपों से लाल दूषित पानी आता है जो किसी काम का नहीं है। उन्होंने बताया कि साफ पानी के लिए लोग रात भर हैंडपंप पर पानी भरने के लिए बारी लगा रहे हैं।

हैंडपंप पर लोगों की भीड़ अधिक होने पर ग्रामीण एक से दो किमी दूर जाकर पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत पेयजल योजना अभी तक धरातल में नहीं उतर पाई है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से टैंकरों के जरिये पेयजल वितरण की मांग की है। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि जल्द ही पानी वितरण के लिए ग्रामीणों की सहमति से स्थल का चयन करने के बाद पिकअप से पानी की आपूर्ति कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed