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सीमांत गांव कारी में स्वीकृति के बाद भी नहीं बन पाई सड़क
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चंपावत। जिले के सीमांत गांव कारी में तीन साल पहले स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे हैं। सके बावजूद सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्राम कारी में वर्तमान में 630 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने अपनी नाप भूमि दिए जाने को लेकर आपत्तियां लगाई गईं लेकिन ग्रामीणों ने वर्तमान में अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है।
लोनिवि के माध्यम से दो किमी सड़क का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है लेकिन वर्तमान में सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। डुगर सिंह, ग्राम प्रधान, कारी ने कहा कि सड़क की मांग ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे है। वर्तमान में दो किमी सड़क के लिए लोनिवि ने सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। सड़क को लेकर किसी भी ग्रामीण की आपत्ति नहीं है। उसके बावजूद भी सड़क निर्माण में देरी हो रही है।
सीमांत गांव कारी में सड़क तीन साल पहले स्वीकृत हो चुकी है। कुछ ग्रामीणों के अनापत्ति नहीं मिलने से सड़क के निर्माण में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। उसके बाद सर्वे कार्य पूरा कर दिया है। -डीडी भट्ट, ईई, लोनिवि चंपावत
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लोनिवि के माध्यम से दो किमी सड़क का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है लेकिन वर्तमान में सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। डुगर सिंह, ग्राम प्रधान, कारी ने कहा कि सड़क की मांग ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे है। वर्तमान में दो किमी सड़क के लिए लोनिवि ने सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। सड़क को लेकर किसी भी ग्रामीण की आपत्ति नहीं है। उसके बावजूद भी सड़क निर्माण में देरी हो रही है।
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सीमांत गांव कारी में सड़क तीन साल पहले स्वीकृत हो चुकी है। कुछ ग्रामीणों के अनापत्ति नहीं मिलने से सड़क के निर्माण में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्तमान में ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। उसके बाद सर्वे कार्य पूरा कर दिया है। -डीडी भट्ट, ईई, लोनिवि चंपावत
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