फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   मैदानी क्षेत्रों में किया जाए बांध प्रभावितों का विस्थापन

मैदानी क्षेत्रों में किया जाए बांध प्रभावितों का विस्थापन

Wed, 26 Jul 2017 11:07 PM IST
Updated Wed, 26 Jul 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
मैदानी क्षेत्रों में किया जाए बांध प्रभावितों का विस्थापन

विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)। पंचेश्वर बांध बनने के बाद डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों द्वारा उनका पुनर्वास मैदानी क्षेत्रों में करने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। डूब क्षेत्र में आने वाले गायकाज्यूला के युवा देव सिंह महर का कहना है कि पंचेश्वर बांध बनने से जहां लोगों को सिंचाई, बिजली, पानी की आपूर्ति, बाढ़ में कमी, देशी विदेशी पर्यटकों का आवागमन, सरकार की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ यहां रोजगार के नए नए अवसर भी पैदा होंगे।


देवसिंह का कहना है कि सरकार द्वार प्रभावितों का पुनर्वास के लिए स्थानों का खुलासा नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रभावितों का विस्थापन कहां किया जाए, इसके लिए स्थान चयन कर इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी जानी चाहिए। जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने विस्थापन और पुनर्वास के मानकों से भी डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों को सही ढंग से समझाने पर जोर दिया। देव का कहना है कि प्रभावित होने वाले अधिकांश लोग नदी किनारों में बसकर कृषि, पशुपालन, सब्जी उत्पादन कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों में उपजाऊ जमीन वाले स्थानों में प्रभावितों के विस्थापन की मांग की है। जिससे वह सम्मानजनक तरीके से जीवन यापन कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed