{"_id":"597a200e4f1c1b6b218b48b9","slug":"19-horas-no-tanakpur-pithoragarh-nh","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 घंटे बंद रहा टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 घंटे बंद रहा टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
धौन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग में इस तरह गिर रहा है मलवा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर यहां से 12 किलोमीटर दूर धौन के पास आए भारी मलबे से बुधवार की रात से आवाजाही ठप रही। पूरे 19 घंटे तक इस मार्ग पर यातायात के पहिये जाम रहे। बृहस्पतिवार अपरान्ह 3.30 बजे से एनएच पर छोटे वाहनों की आवाजाही हुई, लेकिन दो घंटे बाद फिर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। मार्ग पर ट्रक, बसें और अन्य बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। एनएच बंद होने से हजारों लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
एनएच पर धौन के नजदीक छतकांडा में बुधवार की रात से लगातार मलबा गिरने से आवाजाही ठप हो गई। यद्यपि रात 8 से सुबह 5 बजे तक आवाजाही नहीं होती है, मगर बड़ी संख्या में लोग मार्ग पर फंसे रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एचसी पांडेय ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए एनएच के दोनों तरफ से जेसीबी लगाए गए थे। लेकिन इस स्थान में लगातार मलबा गिरने से रोड में मलबा हटाने तक में भारी परेशानी हुई। कई बार काम को रोकना पड़ा। अंतत: 3.30 बजे मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोला जा सका। लेकिन फिर मलबा आने से मार्ग 5.35 बजे बंद हो गया।
दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार होने से आवाजाही को सुचारु करना कठिन हुआ। पुलिस के अलावा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने खुद छोटे वाहनों के लिए आवाजाही को सामान्य करने में हाथ बंटाया।
विज्ञापन
कार पर गिरा मलबा, बाल-बाल बचे सवार
एनएच में धौन के पास एक कार मलबे की चपेट में आ गई। अलबत्ता बड़ा हादसा टल गया। कार को तो भारी नुकसान हुआ, लेकिन कार सवार बाल-बाल बच गए। लोहाघाट निवासी विजय ढेक बुधवार की रात टनकपुर से लोहाघाट आ रहे थे। तभी उनकी कार संख्या (यूके 03/टीए 0671) के ऊपर पहाड़ी से मलबा आ गया। कार के आगे के हिस्से में मलबा गिरते ही कार सवार ढेक और दो अन्य लोग एकाएक उतर सुरक्षित जगह पहुंच गए। उन्हें मामूली चोटें आई।
एनएच पर फंसी रोडवेज की 20 बसें, 4 लाख रुपये का नुकसान
चंपावत। धौन के पास आए मलबे से परिवहन निगम की 20 से अधिक बसें टनकपुर-चंपावत के बीच फंसी रही। इससे रोडवेज को 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लोहाघाट डिपो में वाहनों की कमी हो गई। स्टेशन में यात्रियों को बसों की उपलब्धता नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक (जीएम) लेखराज सिंह पांगती ने बताया कि टनकपुर, लोहाघाट व पिथौरागढ़ डिपो की 20 बसें एनएच में फंसी रही। सबसे अधिक नुकसान लोहाघाट डिपो को हुआ। लोहाघाट की एजीएम नीलिमा शर्मा ने बताया कि लोहाघाट की 16 बसें टनकपुर-चंपावत के बीच फंसी हैं। इस डिपो की बृहस्पतिवार को सिर्फ तीन बसें (दो हल्द्वानी व एक दिल्ली) चली। और ये सभी बसें देवीधुरा होते हुए चलाई गई। इसके अलावा पिथौरागढ़ डिपो की एक बस देवीधुरा होते हुए देहरादून भेजी गई। पिथौरागढ़ डिपो की लखनऊ, दिल्ली व देहरादून को जाने वाली तीन बसें कई लोहाघाट में रुकी रहीं। शुभम पांडेय सहित रोडवेज के कई यात्री पैदल आगे बढ़ गए, लेकिन उनके किराए की रकम रोडवेज ने नहीं लौटाई।
विज्ञापन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर यहां से 12 किलोमीटर दूर धौन के पास आए भारी मलबे से बुधवार की रात से आवाजाही ठप रही। पूरे 19 घंटे तक इस मार्ग पर यातायात के पहिये जाम रहे। बृहस्पतिवार अपरान्ह 3.30 बजे से एनएच पर छोटे वाहनों की आवाजाही हुई, लेकिन दो घंटे बाद फिर मलबा आने से मार्ग बंद हो गया। मार्ग पर ट्रक, बसें और अन्य बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। एनएच बंद होने से हजारों लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
एनएच पर धौन के नजदीक छतकांडा में बुधवार की रात से लगातार मलबा गिरने से आवाजाही ठप हो गई। यद्यपि रात 8 से सुबह 5 बजे तक आवाजाही नहीं होती है, मगर बड़ी संख्या में लोग मार्ग पर फंसे रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के सहायक अभियंता एचसी पांडेय ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए एनएच के दोनों तरफ से जेसीबी लगाए गए थे। लेकिन इस स्थान में लगातार मलबा गिरने से रोड में मलबा हटाने तक में भारी परेशानी हुई। कई बार काम को रोकना पड़ा। अंतत: 3.30 बजे मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोला जा सका। लेकिन फिर मलबा आने से मार्ग 5.35 बजे बंद हो गया।
विज्ञापन
दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार होने से आवाजाही को सुचारु करना कठिन हुआ। पुलिस के अलावा जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने खुद छोटे वाहनों के लिए आवाजाही को सामान्य करने में हाथ बंटाया।
विज्ञापन
कार पर गिरा मलबा, बाल-बाल बचे सवार
एनएच में धौन के पास एक कार मलबे की चपेट में आ गई। अलबत्ता बड़ा हादसा टल गया। कार को तो भारी नुकसान हुआ, लेकिन कार सवार बाल-बाल बच गए। लोहाघाट निवासी विजय ढेक बुधवार की रात टनकपुर से लोहाघाट आ रहे थे। तभी उनकी कार संख्या (यूके 03/टीए 0671) के ऊपर पहाड़ी से मलबा आ गया। कार के आगे के हिस्से में मलबा गिरते ही कार सवार ढेक और दो अन्य लोग एकाएक उतर सुरक्षित जगह पहुंच गए। उन्हें मामूली चोटें आई।
एनएच पर फंसी रोडवेज की 20 बसें, 4 लाख रुपये का नुकसान
चंपावत। धौन के पास आए मलबे से परिवहन निगम की 20 से अधिक बसें टनकपुर-चंपावत के बीच फंसी रही। इससे रोडवेज को 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लोहाघाट डिपो में वाहनों की कमी हो गई। स्टेशन में यात्रियों को बसों की उपलब्धता नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक (जीएम) लेखराज सिंह पांगती ने बताया कि टनकपुर, लोहाघाट व पिथौरागढ़ डिपो की 20 बसें एनएच में फंसी रही। सबसे अधिक नुकसान लोहाघाट डिपो को हुआ। लोहाघाट की एजीएम नीलिमा शर्मा ने बताया कि लोहाघाट की 16 बसें टनकपुर-चंपावत के बीच फंसी हैं। इस डिपो की बृहस्पतिवार को सिर्फ तीन बसें (दो हल्द्वानी व एक दिल्ली) चली। और ये सभी बसें देवीधुरा होते हुए चलाई गई। इसके अलावा पिथौरागढ़ डिपो की एक बस देवीधुरा होते हुए देहरादून भेजी गई। पिथौरागढ़ डिपो की लखनऊ, दिल्ली व देहरादून को जाने वाली तीन बसें कई लोहाघाट में रुकी रहीं। शुभम पांडेय सहित रोडवेज के कई यात्री पैदल आगे बढ़ गए, लेकिन उनके किराए की रकम रोडवेज ने नहीं लौटाई।