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आंदोलन की रणनीति बनाने में जुटे ग्रामीण
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:45 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। बृजनगर सूखीढांग में शराब की दुकान खोलने के निर्णय के विरोध में ग्रामीण आंदोलन की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। गत वर्ष शराब के विरोध में मुकदमा झेल चुके ग्रामीण इस बार विचार-विमर्श कर आंदोलन की रूपरेखा तय कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहे सात स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि पर शराब की दुकान किसी सूरत में मंजूर नहीं है।
बस्तिया और बृजनगर सूखीढांग में ग्रामीणों के विरोध के कारण गत वर्ष शराब की दुकान नहीं खुली, लेकिन इस बार फिर शराब की दुकान का ठेका आवंटित करने से ग्रामीण खासे गुस्से में है। डीएम और आबकारी मंत्री को ज्ञापन भेजने के साथ ही ग्रामीण रणनीति बनाने में जुट गए हैं। समाजसेवी केएन तिवारी, पं. शंकर दत्त जोशी, जौल की प्रधान भागीरथी देवी, धूरा की प्रधान लक्ष्मी देवी, सियाला के प्रधान जगदीश प्रसाद, राजेंद्र सिंह, सिलाड़ की प्रधान लक्ष्मी देवी, समाजसेवी कुशल सिंह ने कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
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बस्तिया और बृजनगर सूखीढांग में ग्रामीणों के विरोध के कारण गत वर्ष शराब की दुकान नहीं खुली, लेकिन इस बार फिर शराब की दुकान का ठेका आवंटित करने से ग्रामीण खासे गुस्से में है। डीएम और आबकारी मंत्री को ज्ञापन भेजने के साथ ही ग्रामीण रणनीति बनाने में जुट गए हैं। समाजसेवी केएन तिवारी, पं. शंकर दत्त जोशी, जौल की प्रधान भागीरथी देवी, धूरा की प्रधान लक्ष्मी देवी, सियाला के प्रधान जगदीश प्रसाद, राजेंद्र सिंह, सिलाड़ की प्रधान लक्ष्मी देवी, समाजसेवी कुशल सिंह ने कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।
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