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नहीं सह सके बेटे की मौत का सदमा
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:40 PM IST
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चंपावत। युवा व्यापारी राजेंद्र सिंह महर भोलू की अचानक हुई मौत का सदमा उनके पिता अमर सिंह (86)नहीं सह सके। राजेंद्र सिंह की मौत के छह दिन बाद मंगलवार की रात को उनके पिता अमर सिंह का भी निधन हो गया। बुधवार को ताड़केश्वर घाट में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। महज छह दिनों के भीतर बेटे और पिता की मौत से उनके परिवार में दुखों का पहाड़ टूटा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
उल्लेखनीय है कि 29 मार्च को शहर के युवा व्यापारी राजेंद्र सिंह महर भोलू (45) की अचानक हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। इकलौते बेटे की मौत का सदमा बुजुर्ग पिता को इस कदर लगा कि मंगलवार रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बुजुर्ग अमर सिंह पूरी तरह सेहतमंद थे और बेटे की मौत से एक दिन पूर्व तक वे बाकायदा दुकान में बैठते थे। इसके अलावा बेटे की मौत से मां सावित्री देवी (77) की तबियत भी बिगड़ी हुई है। वह भी अभी अस्पताल में भर्ती हैं। नाते-रिश्तेदार और पड़ोसी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 29 मार्च को शहर के युवा व्यापारी राजेंद्र सिंह महर भोलू (45) की अचानक हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। इकलौते बेटे की मौत का सदमा बुजुर्ग पिता को इस कदर लगा कि मंगलवार रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बुजुर्ग अमर सिंह पूरी तरह सेहतमंद थे और बेटे की मौत से एक दिन पूर्व तक वे बाकायदा दुकान में बैठते थे। इसके अलावा बेटे की मौत से मां सावित्री देवी (77) की तबियत भी बिगड़ी हुई है। वह भी अभी अस्पताल में भर्ती हैं। नाते-रिश्तेदार और पड़ोसी परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
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