{"_id":"595a8b344f1c1b0e448b46a8","slug":"181499106100-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी ग्राम प्रधानों ने दिया सामूहिक रूप से इस्तीफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी ग्राम प्रधानों ने दिया सामूहिक रूप से इस्तीफा
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफा दिया
पिथौरागढ़/चंपावत। पंचायत निधि में की गई कटौती से आक्रोशित प्रधानों ने सोमवार को डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और जिला पंचायत राज अधिकारी को सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए।
ग्राम प्रधान संगठन पिथौरागढ़ के जिलाध्यक्ष कृष्ण सिंह वल्दिया ने कहा कि पंचायत निधि में 60 फीसदी तक कटौती करने से गांवों में विकास के कार्य ठप हैं। मूनाकोट ब्लॉक के 25 प्रधानों ने अपने इस्तीफे दे दिए। पिथौरागढ़ के डीपीआरओ सुरेंद्रनाथ का कहना है कि प्रधानों का सामूहिक इस्तीफा मिला है, क्योंकि यह सशर्त इस्तीफा है। इसलिए इसे मंजूर नहीं किया गया है। पूरे प्रदेश में प्रधान यह कदम उठा रहे हैं। वहीं चंपावत जिले के चारों ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को इस्तीफे सौंपे। इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने सोमवार सुबह कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त के तहत ग्राम पंचायतों को आवंटित होने वाली राशि में हुई कटौती को निरस्त कर, पंचायतराज अधिनियम 2016 को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की। ग्राम प्रधानों के लिए न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह का सम्मानजनक मानदेय मांगा गया। जिलेभर से मुख्यालय पहुंचे ग्राम प्रधानों का कहना था कि अपनी मांगों को पूर्ण करवाने के लिए ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर में कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन राज्य सरकार ने इन मांगों को नहीं लिया गया। इस कारण ग्राम प्रधानों को सामूहिक इस्तीफा देना पड़ा है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ, गिरीश सिंह, चंदन सिंह के नेतृत्व में सामूहिक इस्तीफा सौंपा गया। इनमें देवेंद्र सिंह मेहरा, प्रह्लाद राम, मदन राम, रूपा देवी, केशव दत्त मौनी, संजय रावत, गंगा गुरुंग, पुष्पा विश्वकर्मा, अमजद हुसैन, जशोदा देवी, नीलू देउपा, अमिता चौबे, गीता सुतेड़ी, दान सिंह बोहरा आदि थे।
राज्य वित्त में की गई कटौती, मानदेय न देने का विरोध
डीपीआरओ के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा
ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफा देने के साथ ही ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। प्रधान संगठन के केशव दत्त मौनी के अनुसार डीपीआरओ स्तर से कहा गया है कि प्रधानों के सामूहिक इस्तीफों पर शासन स्तर से निर्णय होने तक ग्राम प्रधान पदों पर बने रहेंगे लेकिन ग्राम प्रधानों ने सभी तरह के कार्यों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़/चंपावत। पंचायत निधि में की गई कटौती से आक्रोशित प्रधानों ने सोमवार को डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और जिला पंचायत राज अधिकारी को सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए।
ग्राम प्रधान संगठन पिथौरागढ़ के जिलाध्यक्ष कृष्ण सिंह वल्दिया ने कहा कि पंचायत निधि में 60 फीसदी तक कटौती करने से गांवों में विकास के कार्य ठप हैं। मूनाकोट ब्लॉक के 25 प्रधानों ने अपने इस्तीफे दे दिए। पिथौरागढ़ के डीपीआरओ सुरेंद्रनाथ का कहना है कि प्रधानों का सामूहिक इस्तीफा मिला है, क्योंकि यह सशर्त इस्तीफा है। इसलिए इसे मंजूर नहीं किया गया है। पूरे प्रदेश में प्रधान यह कदम उठा रहे हैं। वहीं चंपावत जिले के चारों ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को इस्तीफे सौंपे। इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने सोमवार सुबह कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त के तहत ग्राम पंचायतों को आवंटित होने वाली राशि में हुई कटौती को निरस्त कर, पंचायतराज अधिनियम 2016 को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की। ग्राम प्रधानों के लिए न्यूनतम पांच हजार रुपये प्रतिमाह का सम्मानजनक मानदेय मांगा गया। जिलेभर से मुख्यालय पहुंचे ग्राम प्रधानों का कहना था कि अपनी मांगों को पूर्ण करवाने के लिए ब्लॉक, जिला, प्रदेश स्तर में कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन राज्य सरकार ने इन मांगों को नहीं लिया गया। इस कारण ग्राम प्रधानों को सामूहिक इस्तीफा देना पड़ा है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ, गिरीश सिंह, चंदन सिंह के नेतृत्व में सामूहिक इस्तीफा सौंपा गया। इनमें देवेंद्र सिंह मेहरा, प्रह्लाद राम, मदन राम, रूपा देवी, केशव दत्त मौनी, संजय रावत, गंगा गुरुंग, पुष्पा विश्वकर्मा, अमजद हुसैन, जशोदा देवी, नीलू देउपा, अमिता चौबे, गीता सुतेड़ी, दान सिंह बोहरा आदि थे।
विज्ञापन
राज्य वित्त में की गई कटौती, मानदेय न देने का विरोध
डीपीआरओ के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा
ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने सामूहिक इस्तीफा देने के साथ ही ग्राम पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। प्रधान संगठन के केशव दत्त मौनी के अनुसार डीपीआरओ स्तर से कहा गया है कि प्रधानों के सामूहिक इस्तीफों पर शासन स्तर से निर्णय होने तक ग्राम प्रधान पदों पर बने रहेंगे लेकिन ग्राम प्रधानों ने सभी तरह के कार्यों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
विज्ञापन