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शारदा नदी से शुरू नहीं हो सकी खनन निकासी
Updated Sat, 08 Dec 2018 10:57 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी के डाउन स्ट्रीम से खनन कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। वन विभाग की लेटलतीफी से खनन कारोबारियों और वाहन स्वामियों में रोष है। खनन शुरू नहीं होने से सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। शासन के आदेशों के अनुपालन में वन निगम ने एक सप्ताह पहले ही डाउन स्ट्रीम के गेट खनन निकासी के लिए खोल दिए थे।
एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल की ओर से पांच दिसंबर को बुलाई गई बैठक में आठ दिसंबर से डाउन स्ट्रीम से खनन कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है।
उधर, एसडीएम के निर्देश के बाद भी वन विभाग द्वारा अपनाई जा रही हीलाहवाली से रजिस्ट्रेशन कर चुके ट्रैक्टर और वाहन स्वामियों में आक्रोश है। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि विभाग ने एक दिसंबर को ही डाउन स्ट्रीम में खनन निकासी को गेट खोल दिए हैं। शारदा अपस्ट्रीम में वन विभाग द्वारा सीमांकन कार्य किया जा रहा है। खनन निकासी मार्ग को दुरुस्त करने के लिए वन विभाग की मदद की जा रही है। वहीं, खनन निकासी नहीं होने से विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लोगों को ऊंचे दामों पर रेत, बजरी, पत्थर खरीदने पड़ रहे हैं।
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खनन को लेकर ट्रक स्वामियों की बैठक आज
शारदा नदी से खनन कार्य शुरू करने को लेकर ट्रक स्वामियों की बैठक 9 दिसंबर को होगी। शक्तिमान ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष योगी ज्याल ने बताया कि बैठक में खनन व्यवस्था के कई बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा। बैठक के बाद ही तय होगा कि खनन निकासी कब से शुरू की जाएगी।
वन निगम में अब तक 242 वाहन पंजीकृत हुए
शारदा नदी से खनन निकासी को लेकर वन विकास निगम ने अब तक ट्रैक्टर, टिप्पर, डंपर, शक्तिमान समेत 242 वाहनों के रजिस्ट्रेशन किए हैं। वन विकास निगम द्वारा एक माह पहले से ही शारदा नदी से खनन कार्य करने वाले वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि प्रशासन ने इस बार शारदा नदी से खनन को लेकर 600 वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दी है।
जलस्तर अधिक होने से अपस्ट्रीम का सीमांकन कार्य बाधित
शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण वन विभाग द्वारा अपस्ट्रीम से खनन निकासी के लिए सीमांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। वन विभाग के रेंजर गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि अपस्ट्रीम खनन क्षेत्र में लगभग 40 पिलरों का सीमांकन होना है। शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने से सीमांकन कार्य में बाधा आ रही है।
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एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल की ओर से पांच दिसंबर को बुलाई गई बैठक में आठ दिसंबर से डाउन स्ट्रीम से खनन कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक खनन कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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उधर, एसडीएम के निर्देश के बाद भी वन विभाग द्वारा अपनाई जा रही हीलाहवाली से रजिस्ट्रेशन कर चुके ट्रैक्टर और वाहन स्वामियों में आक्रोश है। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि विभाग ने एक दिसंबर को ही डाउन स्ट्रीम में खनन निकासी को गेट खोल दिए हैं। शारदा अपस्ट्रीम में वन विभाग द्वारा सीमांकन कार्य किया जा रहा है। खनन निकासी मार्ग को दुरुस्त करने के लिए वन विभाग की मदद की जा रही है। वहीं, खनन निकासी नहीं होने से विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लोगों को ऊंचे दामों पर रेत, बजरी, पत्थर खरीदने पड़ रहे हैं।
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खनन को लेकर ट्रक स्वामियों की बैठक आज
शारदा नदी से खनन कार्य शुरू करने को लेकर ट्रक स्वामियों की बैठक 9 दिसंबर को होगी। शक्तिमान ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष योगी ज्याल ने बताया कि बैठक में खनन व्यवस्था के कई बिंदुओं पर मंथन किया जाएगा। बैठक के बाद ही तय होगा कि खनन निकासी कब से शुरू की जाएगी।
वन निगम में अब तक 242 वाहन पंजीकृत हुए
शारदा नदी से खनन निकासी को लेकर वन विकास निगम ने अब तक ट्रैक्टर, टिप्पर, डंपर, शक्तिमान समेत 242 वाहनों के रजिस्ट्रेशन किए हैं। वन विकास निगम द्वारा एक माह पहले से ही शारदा नदी से खनन कार्य करने वाले वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जबकि प्रशासन ने इस बार शारदा नदी से खनन को लेकर 600 वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दी है।
जलस्तर अधिक होने से अपस्ट्रीम का सीमांकन कार्य बाधित
शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण वन विभाग द्वारा अपस्ट्रीम से खनन निकासी के लिए सीमांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। वन विभाग के रेंजर गोविंद सिंह रजवार ने बताया कि अपस्ट्रीम खनन क्षेत्र में लगभग 40 पिलरों का सीमांकन होना है। शारदा नदी का जलस्तर अधिक होने से सीमांकन कार्य में बाधा आ रही है।