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अंधेर भी अंधेरा भी:31 माह से रात के रोशन होने का इंतजार कर रहे निगाली गांव के लोग
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:21 PM IST
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चंपावत। सौभाग्य योजना के तहत हर घर को बिजली से जोड़ने का अभियान चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ वर्षों पूर्व विद्युतीकृत गांव निगाली की खराब बिजली लाइन को 31 महीने बाद भी ठीक नहीं किया जा सका है। लोग बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग करते इस कदर थक चुके हैं कि उन्होंने अब अफसरों और नेताओं से गुहार लगाना भी बंद कर दिया है। अलबत्ता अब यहां के लोगों ने अगले साल होने वाले लोकसभा और त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है।
निगाली में वर्षों पूर्व विद्युतीकरण हुआ, मगर अप्रैल 2016 में स्याला-पोथ सड़क की कटिंग के दौरान बिजली के दो खंभे जमींदोज हो गए। साथ ही इस क्षेत्र की काफी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई।
प्रधान लक्ष्मी देवी बताती हैं कि तबसे यहां की बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी। 18 परिवार वाले निगाली गांव के लोगों की रात अंधेरे में कटती है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई डिबरी के लैंप के आसरे होती है। तो दिन के वक्त यहां के लोगों को मोबाइल फोन को चार्ज कराने के लिए पांच किमी दूर श्यामलाताल की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीण तेज सिंह, गंगा सिंह, मान सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, नारायण, बसंती देवी, नाथ सिंह, पुष्कर सिंह आदि का कहना है कि बिजली नहीं होने से रात में कोई काम नहीं हो पाता। खेतीबाड़ी से लेकर पशुपालन, पानी ढोने का काम बस दिन के वक्त ही कर पाते हैं। थकहार कर अब ग्रामीण चुनाव बहिष्कार के जरिए अपनी आवाज उठाएंगे। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को पत्र भेजा है।
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बजट के अनुमोदन का है इंतजार
सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत के लिए अब तक बजट नहीं मिल सका है। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार का कहना है कि विभाग ने मरम्मत में आने वाले खर्च का इस्टीमेट सड़क की कटिंग करने वाले पीएमजीएसवाई खंड को भेजा है। धन मिलने के बाद मरम्मत का काम हो सकेगा। वहीं पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता अभिषेक सिंह का कहना है कि बजट अनुमोदित होने के बाद रकम ऊर्जा निगम को दी जा सकेगी।
31 माह से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत नहीं कराना गंभीर विषय है। जल्द ही बजट अवमुक्त नहीं होने की दशा में इस मामले में ऊर्जा निगम को वैकल्पिक उपाय करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
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निगाली में वर्षों पूर्व विद्युतीकरण हुआ, मगर अप्रैल 2016 में स्याला-पोथ सड़क की कटिंग के दौरान बिजली के दो खंभे जमींदोज हो गए। साथ ही इस क्षेत्र की काफी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हुई।
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प्रधान लक्ष्मी देवी बताती हैं कि तबसे यहां की बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी। 18 परिवार वाले निगाली गांव के लोगों की रात अंधेरे में कटती है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई डिबरी के लैंप के आसरे होती है। तो दिन के वक्त यहां के लोगों को मोबाइल फोन को चार्ज कराने के लिए पांच किमी दूर श्यामलाताल की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीण तेज सिंह, गंगा सिंह, मान सिंह, महेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, नारायण, बसंती देवी, नाथ सिंह, पुष्कर सिंह आदि का कहना है कि बिजली नहीं होने से रात में कोई काम नहीं हो पाता। खेतीबाड़ी से लेकर पशुपालन, पानी ढोने का काम बस दिन के वक्त ही कर पाते हैं। थकहार कर अब ग्रामीण चुनाव बहिष्कार के जरिए अपनी आवाज उठाएंगे। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को पत्र भेजा है।
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बजट के अनुमोदन का है इंतजार
सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत के लिए अब तक बजट नहीं मिल सका है। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार का कहना है कि विभाग ने मरम्मत में आने वाले खर्च का इस्टीमेट सड़क की कटिंग करने वाले पीएमजीएसवाई खंड को भेजा है। धन मिलने के बाद मरम्मत का काम हो सकेगा। वहीं पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता अभिषेक सिंह का कहना है कि बजट अनुमोदित होने के बाद रकम ऊर्जा निगम को दी जा सकेगी।
31 माह से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत नहीं कराना गंभीर विषय है। जल्द ही बजट अवमुक्त नहीं होने की दशा में इस मामले में ऊर्जा निगम को वैकल्पिक उपाय करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।