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पापा आप कैसे गए थे और कैसे आए?

Thu, 07 Jun 2018 11:28 PM IST
Updated Thu, 07 Jun 2018 11:28 PM IST
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पापा आप कैसे गए थे और कैसे आए?
चंपावत। पापा! आप कैसे गए थे, और कैसे आए....बीएसएफ के हवलदार दिनेश कुमार के पार्थिव शरीर को देख कर बड़ी बेटी आरती के मुंह से बस ये ही शब्द निकल सके। इसके बाद वह फूट-फूट कर रोने लगी। इससे वहां हर किसी की आंखें भर आई। मृतक की पत्नी बार बार पति के पार्थिव शरीर से लिपट कर रोए जा रही थी। जवान के अंतिम दर्शन के लिए एमईएस कैंप स्थित आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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जैसलमेर राजस्थान से हवलदार दिनेश कुमार का पार्थिव शरीर लेकर चंपावत पहुंचे उप निरीक्षक एएस राठी ने बताया कि चार जून को कंपनी को दिल्ली पहुंचना था, लेकिन किसानों के आंदोलन को देखते हुए कंपनी को जैसलमेर में ही रुकने का आदेश मिला। इसके बाद कंपनी के सभी जवानों को पांच जून को हथियार की सफाई करने का जिम्मा दिया गया। उन्होंने बताया कि हवलदार दिनेश कुमार पांच जून को कमरे में राइफल की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। दिनेश के सीने में गोली लगी थी, जिससे काफी खून बह रहा था।
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साथी जवान कुछ समझ पाते कि इससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। इसके उलट परिजनों ने दिनेश की हत्या करने का आरोप लगाया। जवान दिनेश के भाई गिरीश कुमार, साले सुरेश कुमार, सुंदर लाल, रमेश राम, दीवानी राम, दिनेश कुमार, रोशन लाल, प्रकाश टम्टा, सतीश कुमार और अतुल कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। एसआई राठी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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ताड़केश्वर घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
चंपावत। बीएसएफ जवान का अंतिम संस्कार ताड़केश्वर घाट पर किया गया। जहां पुत्र गौरव ने चिता को मुखाग्नि दी। एसआई शिवपाल सिंह के नेतृत्व में दिल्ली से आई बीएसएफ की 25वीं बटालियन के जवानों ने मातमी धुन के बीच शस्त्र उल्टे और हवाई फायर कर अंतिम विदाई दी। इससे पहले जवान के एमईएस स्थित आवास से अंतिम यात्रा शुरू हुई। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ ताड़केश्वर घाट तक ले जाया गया।

भरापूरा परिवार छोड़ गए हवलदार दिनेश
चंपावत। हवलदार दिनेश कुमार अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी रेखा के अलावा बेटी आरती (23), नीलम (21), ज्योति (16), संध्या (15) और बेटा गौरव (18) शामिल हैं। दिनेश मूल रूप से पाटी ब्लॉक के भौरा, जनकांडे के रहने वाले थे। सात वर्ष पहले उन्होंने टनकपुर रोड पर एमईएस कैंप के पास मकान बनाया था।


अंतिम संस्कार में ये रहे शामिल
चंपावत। बीएसएफ जवान के अंतिम संस्कार में कई लोग शामिल हुए। इनमें एसडीएम के प्रतिनिधि राजस्व निरीक्षक हरीश जोशी, उप निरीक्षक सुंदर नेगी, डिप्टी रेंजर बृजमोहन टम्टा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह देव, बहादुर फर्त्याल, गुलशन अधिकारी, राजेंद्र कुमार, महेश राम, मनोज टम्टा, दयाल राम, भुवन लाल, उजालू राम, उत्तम राम, मदन राम, दीपक टम्टा, रोशन लाल गिरीश लाल, मुकेश कुमार, मुकुल किरन आदि मौजूद थे।
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