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दर्द से कराहते मरीज मर्म चिकित्सा से हंसते हुए लौट रहे
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:37 PM IST
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अमर उजाला फाउंडेशन, मृत्युंजय मिशन हरिद्वार एवं आरोग्यम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में यहां चल रहे तीन दिनी निशुल्क मर्म चिकित्सा शिविर में दूसरे दिन भी मरीजों की जबरदस्त भीड़ रही। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. सुनील जोशी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तीन सौ से ज्यादा मरीजों को मर्म चिकित्सा से राहत पहुंचाई। हादसे में रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर होने के कारण चार साल से चलने में असमर्थ एक व्यक्ति मर्म चिकित्सा के बाद चलने लगा। वहीं मरीजों को शरीर के विभिन्न हिस्सों एवं जोड़ों में दर्द से राहत मिली।
संयुक्त चिकित्सालय में चल रहे मर्म चिकित्सा शिविर में रविवार को भी सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीजों की मर्म चिकित्सा की गई, जबकि दोपहर बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम हॉल में मर्म चिकित्सा एक परिचय एवं प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी के आयोजन के कारण मरीज नहीं देखे गए। अलबत्ता डॉ. जोशी द्वारा मरीजों को देखने के बाद डॉक्टरों ने एक साथ दस-दस मरीजों की मर्म चिकित्सा करते हुए दोपहर तक तीन सौ से ज्यादा मरीजों को मर्म चिकित्सा का लाभ पहुंचाया। मर्म चिकित्सा के बाद मरीजों की परेशानी में काफी लाभ नजर आया। गिरने से रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद चार सालों से चलने में असमर्थ सरदार प्यारा सिंह का एक हाथ भी ऊपर नहीं उठता था। शिविर में प्यारा सिंह को व्हील चेयर में लाया गया, लेकिन मर्म चिकित्सा के बाद वे खुद चलकर गए। उनका हाथ भी ऊपर उठने लगा।
छीनीगोठ की 25 वर्षीया सुनीता कलौनी का हाथ 15 साल से सुन्न था और मर्म चिकित्सा के बाद उसे 25 प्रतिशत फायदा पहुंचा है। तीन माह से हाथ ऊपर नहीं उठा पा रहे थ्वालखेड़ा निवासी करम सिंह खम्पा का हाथ मर्म चिकित्सा से ऊपर उठने लगा है। आमबाग की 22 वर्षीया निशा भट्ट दो साल से चल नहीं पाती है, लेकिन मर्म चिकित्सा से उसे भी काफी फायदा मिला है।
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शिविर का आज आखिरी दिन
अमर उजाला फाउंडेशन, मृत्युंजय मिशन हरिद्वार एवं आरोग्यम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 24 फरवरी से आयोजित मर्म चिकित्सा शिविर का सोमवार को आखिरी दिन है। आयोजकों ने बताया कि सोमवार की शाम पांच बजे शिविर संपन्न हो जाएगा। बताया गया कि आखिरी दिन पंजीकृत सभी मरीजों को मर्म चिकित्सा का लाभ पहुंचाया जाएगा।
आज नहीं होंगे नए पंजीकरण
मर्म चिकित्सा शिविर में उपचार के लिए सोमवार को मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। पहले से पंजीकृत मरीजों का ही उपचार किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि अब भी पंजीकरण के लिए नए मरीजों के फोन आ रहे हैं, लेकिन मरीज अधिक होने से नए पंजीकरण नहीं करने का फैसला लिया गया है।
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संयुक्त चिकित्सालय में चल रहे मर्म चिकित्सा शिविर में रविवार को भी सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक मरीजों की मर्म चिकित्सा की गई, जबकि दोपहर बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम हॉल में मर्म चिकित्सा एक परिचय एवं प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी के आयोजन के कारण मरीज नहीं देखे गए। अलबत्ता डॉ. जोशी द्वारा मरीजों को देखने के बाद डॉक्टरों ने एक साथ दस-दस मरीजों की मर्म चिकित्सा करते हुए दोपहर तक तीन सौ से ज्यादा मरीजों को मर्म चिकित्सा का लाभ पहुंचाया। मर्म चिकित्सा के बाद मरीजों की परेशानी में काफी लाभ नजर आया। गिरने से रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के बाद चार सालों से चलने में असमर्थ सरदार प्यारा सिंह का एक हाथ भी ऊपर नहीं उठता था। शिविर में प्यारा सिंह को व्हील चेयर में लाया गया, लेकिन मर्म चिकित्सा के बाद वे खुद चलकर गए। उनका हाथ भी ऊपर उठने लगा।
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छीनीगोठ की 25 वर्षीया सुनीता कलौनी का हाथ 15 साल से सुन्न था और मर्म चिकित्सा के बाद उसे 25 प्रतिशत फायदा पहुंचा है। तीन माह से हाथ ऊपर नहीं उठा पा रहे थ्वालखेड़ा निवासी करम सिंह खम्पा का हाथ मर्म चिकित्सा से ऊपर उठने लगा है। आमबाग की 22 वर्षीया निशा भट्ट दो साल से चल नहीं पाती है, लेकिन मर्म चिकित्सा से उसे भी काफी फायदा मिला है।
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शिविर का आज आखिरी दिन
अमर उजाला फाउंडेशन, मृत्युंजय मिशन हरिद्वार एवं आरोग्यम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 24 फरवरी से आयोजित मर्म चिकित्सा शिविर का सोमवार को आखिरी दिन है। आयोजकों ने बताया कि सोमवार की शाम पांच बजे शिविर संपन्न हो जाएगा। बताया गया कि आखिरी दिन पंजीकृत सभी मरीजों को मर्म चिकित्सा का लाभ पहुंचाया जाएगा।
आज नहीं होंगे नए पंजीकरण
मर्म चिकित्सा शिविर में उपचार के लिए सोमवार को मरीजों का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। पहले से पंजीकृत मरीजों का ही उपचार किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि अब भी पंजीकरण के लिए नए मरीजों के फोन आ रहे हैं, लेकिन मरीज अधिक होने से नए पंजीकरण नहीं करने का फैसला लिया गया है।