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गांव के बजाय मैदान में बांट दिए गैस सिलिंडर
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:29 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। गैस सिलिंडर वितरण की मनमानी से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो गैस एजेंसी कर्मी लंबे समय तक ग्रामीणों से ढुलान के नाम पर तय दाम से अधिक रकम वसूलते रहे और जब अधिक दाम का ग्रामीणों ने विरोध किया, तो एजेंसी कर्मी सिलिंडरों को गांव के बजाय मैदान में बांट गए। इस वजह से चंद्रकला, दीपा देवी, गीता सहित कई लोगों को सिलिंडर मिलने की जानकारी तक नहीं लग सकी।
शहर से मात्र दो किमी दूर स्थित रायनगर चौड़ी गांव के लोगों का कहना है कि पूर्व में काफी लंबे समय तक गैस एजेंसी की ओर से हर माह दूसरे या तीसरे सप्ताह गांव में सिलिंडर की आपूर्ति की जाती थी। इसके एवज में ग्रामीणों से ढुलान के नाम से 30 से 40 रुपये तक वसूले जाते थे। ग्रामीणों को जब पता चला कि गैस एजेंसी से गांव के देवालय मंदिर तक सिलिंडर का ढुलान सरकारी तौर पर 13 रुपये निर्धारित किया गया है, तो उन्होंने जनवरी के पहले सप्ताह में एजेंसी द्वारा वसूले जा रहे अधिक दाम का विरोध किया था। इसके चलते गैस एजेंसी कर्मियों द्वारा तय मूल्य से अधिक वसूले गए 23 रुपये ग्रामीणों को लौटाए गए थे।
अब एक माह बाद रविवार को एजेंसी की ओर से गांव के लिए गैस सिलिंडरों का वाहन भेजा गया, तो भाड़ा निर्धारित दरों के अनुसार 10 रुपये ज्यादा लिया गया, लेकिन वाहन को गांव में न लाकर करीब 400 मीटर पहले मैदान में रोककर सिलिंडरों की आपूर्ति की गई।
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कोट
मेरे संज्ञान में यह बात नहीं है कि गैस सिलिंडर का वितरण मैदान में किया गया है। पूर्व में गांव में जिन स्थानों पर गैस सिलिंडर की सप्लाई की जाती थी, उसी के अनुसार भविष्य में भी सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। -गिरीश आर्या, प्रबंधक, गैस वितरण केंद्र, लोहाघाट।
शहर से मात्र दो किमी दूर स्थित रायनगर चौड़ी गांव के लोगों का कहना है कि पूर्व में काफी लंबे समय तक गैस एजेंसी की ओर से हर माह दूसरे या तीसरे सप्ताह गांव में सिलिंडर की आपूर्ति की जाती थी। इसके एवज में ग्रामीणों से ढुलान के नाम से 30 से 40 रुपये तक वसूले जाते थे। ग्रामीणों को जब पता चला कि गैस एजेंसी से गांव के देवालय मंदिर तक सिलिंडर का ढुलान सरकारी तौर पर 13 रुपये निर्धारित किया गया है, तो उन्होंने जनवरी के पहले सप्ताह में एजेंसी द्वारा वसूले जा रहे अधिक दाम का विरोध किया था। इसके चलते गैस एजेंसी कर्मियों द्वारा तय मूल्य से अधिक वसूले गए 23 रुपये ग्रामीणों को लौटाए गए थे।
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अब एक माह बाद रविवार को एजेंसी की ओर से गांव के लिए गैस सिलिंडरों का वाहन भेजा गया, तो भाड़ा निर्धारित दरों के अनुसार 10 रुपये ज्यादा लिया गया, लेकिन वाहन को गांव में न लाकर करीब 400 मीटर पहले मैदान में रोककर सिलिंडरों की आपूर्ति की गई।
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मेरे संज्ञान में यह बात नहीं है कि गैस सिलिंडर का वितरण मैदान में किया गया है। पूर्व में गांव में जिन स्थानों पर गैस सिलिंडर की सप्लाई की जाती थी, उसी के अनुसार भविष्य में भी सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी। -गिरीश आर्या, प्रबंधक, गैस वितरण केंद्र, लोहाघाट।