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जरूरतमंद कर सकते हैं जलौनी लकड़ी का इस्तेमाल
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:22 PM IST
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चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के लिए वन विकास निगम ने छह हजार से अधिक पेड़ कटवा दिए। पेड़ों के निस्तारण दौरान कटी हुई लकड़ी सड़क के किनारे फैली है। इस संबंध में विभिन्न संगठनों और नागरिकों की ओर से कटे पेड़ों को हटाने संबंधी शिकायतों के बाद डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने वन निगम की कटी जलौनी लकड़ी को आम जरूरतमंदों से ले जाने को कहा है।
डीएम का कहना है कि पेड़ों की कटिंग के दौरान ही वन निगम को कटी लकड़ी को हाथोंहाथ उठाने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन कई स्थानों पर कटी लकड़ियों के ढेर लगे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से और यात्रियों की ओर से भी लगातार शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही है। इस कारण डीएम ने जरूरतमंदों को वन निगम की कटी लकड़ी का इस्तेमाल करने की छूट दे दी है। टनकपुर से चंपावत के बीच बारहमासी सड़क निर्माण के चौड़ीकरण कार्य के लिए वन निगम ने करीब छह हजार से अधिक पेड़ों का छपान, कटान किया है, लेकिन वन निगम सभी स्थानों से कटी लकड़ियों को अपने डिपो तक नहीं पहुंचा सका है। कटी लकड़ियों के ढेर राष्ट्रीय राजमार्ग में चल रहे वाहनों के लिए दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं।
डीएम का कहना है कि पेड़ों की कटिंग के दौरान ही वन निगम को कटी लकड़ी को हाथोंहाथ उठाने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन कई स्थानों पर कटी लकड़ियों के ढेर लगे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से और यात्रियों की ओर से भी लगातार शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही है। इस कारण डीएम ने जरूरतमंदों को वन निगम की कटी लकड़ी का इस्तेमाल करने की छूट दे दी है। टनकपुर से चंपावत के बीच बारहमासी सड़क निर्माण के चौड़ीकरण कार्य के लिए वन निगम ने करीब छह हजार से अधिक पेड़ों का छपान, कटान किया है, लेकिन वन निगम सभी स्थानों से कटी लकड़ियों को अपने डिपो तक नहीं पहुंचा सका है। कटी लकड़ियों के ढेर राष्ट्रीय राजमार्ग में चल रहे वाहनों के लिए दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं।
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