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मलयेशिया से दिल्ली पहुंचे अशोक भट्ट
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:14 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। वीजा के नियमों को तोड़ने के आरोप में करीब छह महीने मलयेशिया जेल में रहने के बाद लधिया घाटी क्षेत्र के निवासी अशोक भट्ट शुक्रवार को रात करीब 6.30 बजे दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली हवाई अड्डे में उनके भाई राकेश भट्ट, सुनील भट्ट सहित लधिया घाटी क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।
लधिया घाटी क्षेत्र के तलाड़ी गांव निवासी अशोक पर्यटक वीजा में 8 जून को अपने पंजाब निवासी मित्र संदीप के पास मलयेशिया गए। तब वह पासपोर्ट और वीजा अपने मित्र के कमरे में भूल गए थे। चेकिंग के दौरान पासपोर्ट और वीजा न दिखाने पर अशोक को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तबसे उन्हें 27 नवंबर तक जेल में रहना पड़ा। उन्हें रिहा करने की सोशल मीडिया में मुहिम चलाने वाले लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी ने बताया कि 28 नवंबर को रिहा हुए अशोक भट्ट शुक्रवार को सुबह तिरुची पहुंचे। यहां से चेन्नई और फिर इसके बाद रात करीब 6.30 बजे बाद दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। जहां उनके भाई राकेश भट्ट सहित लधिया घाटी के कई लोगों ने उनकी अगवानी की।
लधिया घाटी क्षेत्र के तलाड़ी गांव निवासी अशोक पर्यटक वीजा में 8 जून को अपने पंजाब निवासी मित्र संदीप के पास मलयेशिया गए। तब वह पासपोर्ट और वीजा अपने मित्र के कमरे में भूल गए थे। चेकिंग के दौरान पासपोर्ट और वीजा न दिखाने पर अशोक को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तबसे उन्हें 27 नवंबर तक जेल में रहना पड़ा। उन्हें रिहा करने की सोशल मीडिया में मुहिम चलाने वाले लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी ने बताया कि 28 नवंबर को रिहा हुए अशोक भट्ट शुक्रवार को सुबह तिरुची पहुंचे। यहां से चेन्नई और फिर इसके बाद रात करीब 6.30 बजे बाद दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। जहां उनके भाई राकेश भट्ट सहित लधिया घाटी के कई लोगों ने उनकी अगवानी की।
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