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मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊं...
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पाटी (चंपावत)। श्री मस्टा संगीत कला समिति की ओर से शुक्रवार को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। प्रमुख संगीतकार सीएस मौनी के आवास में आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ किया गया।
शगुन मौनी ने नमन कर चतुर श्री गुरु चरण भजन से कार्यक्रम की शुरूआत की। कंचन अवस्थी ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो, सिद्धांत मौनी ने मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊं, प्रदीप पचौली ने जगत में झूठी देखी प्रीत, अपने ही सुख स्यु सब लागे क्या दारा क्या मीत गीत की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पंकज पचौली ने दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे, बसंत ने सुख के सब साथी, दु:ख में न कोय, महेश भट्ट ने चांद से प्रीत लगा ले, पंछी बावरा, सीएस मौनी ने तुम राखो मेरी लाज हरि भजन की प्रस्तुति दी।
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तबले पर ताल केसी भट्ट, सिद्धांत मौनी, सौरभ अवस्थी ने ठोंकी। एलएम सोराड़ी, टीका सिंह बोहरा, बद्री दत्त पचौली, माधवानंद पचौली आदि ने सुर में सुर मिलाया।
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शगुन मौनी ने नमन कर चतुर श्री गुरु चरण भजन से कार्यक्रम की शुरूआत की। कंचन अवस्थी ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो, सिद्धांत मौनी ने मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तिहारे आऊं, प्रदीप पचौली ने जगत में झूठी देखी प्रीत, अपने ही सुख स्यु सब लागे क्या दारा क्या मीत गीत की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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पंकज पचौली ने दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे, बसंत ने सुख के सब साथी, दु:ख में न कोय, महेश भट्ट ने चांद से प्रीत लगा ले, पंछी बावरा, सीएस मौनी ने तुम राखो मेरी लाज हरि भजन की प्रस्तुति दी।
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तबले पर ताल केसी भट्ट, सिद्धांत मौनी, सौरभ अवस्थी ने ठोंकी। एलएम सोराड़ी, टीका सिंह बोहरा, बद्री दत्त पचौली, माधवानंद पचौली आदि ने सुर में सुर मिलाया।