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शिक्षक की तैनाती के लिए बुजुर्ग दिवान देंगे धरना
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:12 PM IST
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चंपावत। चंपावत विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय किरमोला में पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए महज एक शिक्षक है। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र के काफी बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं। इसको लेकर अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। शिक्षक की तैनाती की मांग को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया है। स्कूल की स्थिति से खिन्न बुजुर्ग दिवान सिंह ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
अभिभावकों का कहना है कि जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर किरमोला प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पांच कक्षाओं में कुल 17 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन एक शिक्षक होने से सभी पांच कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने की मजबूरी बनी हुई है। बुजुर्ग दिवान सिंह ने सितंबर के पहले सप्ताह से धरना देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, नारायण सिंह, मोहन सिंह, नीमा जोशी, इंद्रदेव, हेम चंद्र, विद्यावती, मधु देवी, सरस्वती देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
इधर उप शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि यह विद्यालय सुगम श्रेणी का है। इसके चलते सुगम श्रेणी के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से पूर्व दुर्गम श्रेणी के विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती की जाती है। अलबत्ता किरमोला प्राथमिक विद्यालय में दूसरे शिक्षक की तैनाती न होने तक समायोजन के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमोदन मांगा जाएगा।
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जीआईसी सिंगदा में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के कई पद खाली
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंगदा में प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इससे पठन पाठन कार्य प्रभावित हो रही है। विद्यालय का भवन भी जर्जर बना हुआ है। अभिभावकों ने डीएम और मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की तैनाती करने के साथ विद्यालय के भवन मरम्मत करने की मांग की। समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। ज्ञापन में अभिभावक-शिक्षक संघ अध्यक्ष भुवन सिंह सामंत ने कहा कि सिंगदा विद्यालय में 2014 से प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के कई पद खाली हैं। विद्यालय भवन की छत जीर्ण-शीर्ण होने के कारण बारिश शुरू होते ही टपकने लगती है। फर्नीचर की कमी के चलते छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। भूस्खलन के चलते विज्ञान लैब भवन को भी खतरा है। ज्ञापन देने वालों में स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भुवन सिंह, हरीश सिंह, नवीन सिंह, भूपाल सिंह, धर्म सिंह, किशन सिंह, नारायण सिंह, मदन सिंह शामिल थे।
अभिभावकों का कहना है कि जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर किरमोला प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पांच कक्षाओं में कुल 17 छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन एक शिक्षक होने से सभी पांच कक्षाओं को एक साथ पढ़ाने की मजबूरी बनी हुई है। बुजुर्ग दिवान सिंह ने सितंबर के पहले सप्ताह से धरना देने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, नारायण सिंह, मोहन सिंह, नीमा जोशी, इंद्रदेव, हेम चंद्र, विद्यावती, मधु देवी, सरस्वती देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
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इधर उप शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट का कहना है कि यह विद्यालय सुगम श्रेणी का है। इसके चलते सुगम श्रेणी के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से पूर्व दुर्गम श्रेणी के विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती की जाती है। अलबत्ता किरमोला प्राथमिक विद्यालय में दूसरे शिक्षक की तैनाती न होने तक समायोजन के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमोदन मांगा जाएगा।
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जीआईसी सिंगदा में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के कई पद खाली
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंगदा में प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इससे पठन पाठन कार्य प्रभावित हो रही है। विद्यालय का भवन भी जर्जर बना हुआ है। अभिभावकों ने डीएम और मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की तैनाती करने के साथ विद्यालय के भवन मरम्मत करने की मांग की। समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। ज्ञापन में अभिभावक-शिक्षक संघ अध्यक्ष भुवन सिंह सामंत ने कहा कि सिंगदा विद्यालय में 2014 से प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के कई पद खाली हैं। विद्यालय भवन की छत जीर्ण-शीर्ण होने के कारण बारिश शुरू होते ही टपकने लगती है। फर्नीचर की कमी के चलते छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। भूस्खलन के चलते विज्ञान लैब भवन को भी खतरा है। ज्ञापन देने वालों में स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भुवन सिंह, हरीश सिंह, नवीन सिंह, भूपाल सिंह, धर्म सिंह, किशन सिंह, नारायण सिंह, मदन सिंह शामिल थे।