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150 साल पुराने नौले का जीर्णोद्धार किया
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Fri, 11 May 2018 11:47 PM IST
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लोहाघाट के रायनगर चौड़ी में जल संरक्षण का संकल्प लेते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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रायनगर चौड़ी के ग्रामवासियों ने जल संरक्षण के लिए करीब 150 साल पुराने ऐतिहासिक नौले का जीर्णोद्धार करके जल ही जीवन का संदेश दिया। इस दौरान लोगों ने नौले को जल देवता को समर्पित करते हुए जल को बचाने का संकल्प लिया।
रायनगर चौड़ी में जलदूत बने भैरव राय के प्रयासों और लोहाघाट ब्लॉक से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत गांव के ऐतिहासिक नौले का जीर्णोद्धार किया गया। शुक्रवार को नौले के शुभारंभ पर पंडित भुवन चंद्र पुनेठा ने विधिवत मंत्रोच्चार के बाद पूजा अर्चना की गई। पूजा में गांव के वरिष्ठ नागरिक जनार्दन राय के अलावा गांव के कई लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पानी को देवता माना जाता है। हर नागरिक को प्रतिदिन पांच लीटर पानी बचाना चाहिए। लोगों ने क्षेत्र में पेयजल की किल्लत को देखते हुए नौलों के संरक्षण का जिम्मा लिया। पानी की बरबादी न करने और स्वच्छता का संकल्प लिया। वहां पर भुवन चंद्र राय, गोपाल दत्त राय, खीमा नंद, दुर्गा दत्त राय, मोहन चंद्र, कमल चंद्र, मयंक राय, रमेश राय, किरन राय, हेमा राय, जानकी देवी, विमला देवी, जीवंती देवी, भागीरथी देवी, पार्वती देवी, राजेश्वर देवी आदि मौजूद रहीं।
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रायनगर चौड़ी में जलदूत बने भैरव राय के प्रयासों और लोहाघाट ब्लॉक से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत गांव के ऐतिहासिक नौले का जीर्णोद्धार किया गया। शुक्रवार को नौले के शुभारंभ पर पंडित भुवन चंद्र पुनेठा ने विधिवत मंत्रोच्चार के बाद पूजा अर्चना की गई। पूजा में गांव के वरिष्ठ नागरिक जनार्दन राय के अलावा गांव के कई लोग मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पानी को देवता माना जाता है। हर नागरिक को प्रतिदिन पांच लीटर पानी बचाना चाहिए। लोगों ने क्षेत्र में पेयजल की किल्लत को देखते हुए नौलों के संरक्षण का जिम्मा लिया। पानी की बरबादी न करने और स्वच्छता का संकल्प लिया। वहां पर भुवन चंद्र राय, गोपाल दत्त राय, खीमा नंद, दुर्गा दत्त राय, मोहन चंद्र, कमल चंद्र, मयंक राय, रमेश राय, किरन राय, हेमा राय, जानकी देवी, विमला देवी, जीवंती देवी, भागीरथी देवी, पार्वती देवी, राजेश्वर देवी आदि मौजूद रहीं।
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